Translate

बुधवार, 27 नवंबर 2019

नेहरू युवा केंद्र द्वारा संविधान दिवस पर खास आयोजन।

नेहरू युवा केंद्र द्वारा संविधान दिवस पर खास आयोजन।


//गगन सेन//

पथरिया(दमोह)।   70 वॉ संविधान दिवस का हुआ आयोजन मंगलवार को नेहरू युवा केंद्र दमोह (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार) के तत्वाधान में नेहरु युवा नवजागृति नवयुवक मंडल बासा कला  के सहयोग द्वारा विकासखंड पथरिया डॉ.भीमराव अंबेडकर तिराहा पथरिया में संविधान दिवस का आयोजन किया गया जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा की साफ सफाई की गई |
 कार्यक्रम के बारे में बताते हुए राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक छिमाधर पटेल (प्रदुम)  ने संविधान दिवस पर संविधान के बारे में बताते हुए कहा संविधान का निर्माण 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन मैं पूर्ण किया गया था, और बताया कि डॉ भीमराव अंबेडकर जी की पहचान न्याय वादी समाज सुधारक की और प्रखर राजनेता के रूप में है उन्हें भारतीय संविधान का पिता भी कहा जाता है |  संचालक कॉमन सर्विस सेंटर पथरिया  पुरुषोत्तम पटेल P4 ने अपने विचार रखते हुए कहा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने बहुत थी बाधाओं का सामना करके पढ़ाई को जारी रखा,  1927 में उन्होंने छुआछूत के खिलाफ बहुत थी सक्रिय अभियान शुरू कर दिए और अपना पूरा समय इसी लक्ष्य को देने लगे उस समय दलितों के लिए विपरीत इतना एवं समाज में व्याप्त असमानता के कारण मन में आक्रोश होते हुए भी हिंसा का मार्ग अपनाने के स्थान पर उन्होंने गांधीजी के मार्ग को अपनाया और सत्याग्रह अभियान के तहत छुआछूत के अधिकार जल स्रोत से पानी लेने और मंदिरों में घुसने की आजादी देने की वकालत की, नेहरू युवा नवजागृति नवयुवक मंडल के अध्यक्ष घनश्याम पटेल ने अपने विचार  रखें और बताया  भीमराव अंबेडकर जी को संविधान गठन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया उनको स्कॉलर व प्रख्यात विदिबेत्ता भी कहा गया अंबेडकर जी ने देश की विभिन्न विभिन्न जातियों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए एक पुलिया का काम किया वह सब के समान अधिकार की बात पर जोर देते थे | इस अवसर पर महाविद्यालय जनभागीदारी अध्यक्ष सचिन खरे, पुरुषोत्तम पटेल  जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग संघ दमोह, विधायक प्रतिनिधि भूपेंद्र सोनी, दिनेश अहिरवार , नीलेश अहिरवाल हेमंत पटेल, पवन पटेल ,सेवक राम पटेल, दिनेश राज, अमित अहिरवार,  पुष्पेंद्र सूर्यवंशी , संजू अहिरवार अंत में सभी का आभार व्यक्त राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक फूलचंद पटेल द्वारा दिया गया।