जिला पंचायत,जनपद पंचायत व ग्राम पंचायत चुनाव के बहिष्कार की घोषणा ग्रामवासियों में नाराजगी।
बोले कि "सरकार ने पक्के मकान हमें नईं दए रोजगार भी नईं मिलो।"
//राजन असाटी//
जुझार(दमोह)। साहब हमारे साथ हमारे मकान में एक दिन गुजार कर देखो पता चल जाएगा जैसे हम जीवन बसर करते हैं बारिश में जब पानी टपकता है तो बरसाती डालने पड़त है और गर्मियों में जब छप्पर पर ढकी चीपे गर्म होत हैं तो हमें घर से निकल कर पेड़ों की छांव में दोपहर काटने पड़त है यह कहना है बरखेरा निवासी विमला अठ्या का दरअसल यह एक अठ्या की पीड़ा नहीं है ग्राम बरखेरा के सैकड़ों परिवारों की पीड़ा बताई गई है भले ही ग्राम वासियों की भलाई की बात हो रही हो लेकिन हकीकत में इन ग्राम वासियों का भला नहीं हो सका है दमोह जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खंडेरा बरखेरा का मामला बरखेरा गांव में जहां केंद्र सरकार कि सबसे महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पाया है इसी के चलते सैकड़ों परिवारों में रोष व्याप्त है ग्रामवासियों की माने तो सरकार उनकी परेशानियों के बारे में समझती नहीं बस बातें करने से कुछ नहीं होता ग्राम पंचायत खंडेरा के बरखेरा गांव में एक भी परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिलाया गया यहां के लोग पत्थरों के बने कच्चे मकानों में रहने पर मजबूर हैं बारिश में जब बारिश का पानी टपकता है तो बरसाती खींच लेते हैं गर्मी में पत्थर तपते है तो घर छोड़कर पेड़ों की छांव में दोपहर गुजारने में विवश रहते हैं *कई बार दिए आवेदन* बरखेरा निवासी मीना बाई तिज्जि बाई सुधारानी हल्की बहू दरबारी लाल विमला अठ्या सहित सैकड़ों ग्राम वासियों की शिकायत है कि कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना प्राप्त करने के लिए आवेदन दिए अधिकारियों से गुहार लगाई सरपंच सचिव के हाथ जोड़े पर कोई सुनवाई नहीं हुई ऐसी योजना का क्या फायदा जिसका लाभ भी हितग्राहियों को नसीब ना हो *घर तो नहीं मिला घटिया शौचालय जरूर कराएं निर्माण* ग्रामीणों की माने तो आवास तो नहीं मिला लेकिन हमारे झोपड़ियों मैं चार बाई चार के मुर्गी के घर की तरह दर्मानुमा शौचालय का निर्माण जरूर करा दिया निर्माण के बाद से ही सभी शौचालय अनुपयोगी साबित हो रहे हैं जिसके चलते सभी लोग खुले में शौच करने पर मजबूर हैं *पानी की व्यवस्था नहीं* बरखेरा गांव में पीने के पानी लिए एक भी हैंड पंप की व्यवस्था नहीं है मीलों दूर खेतों में बने कुआं से पानी भरने जाना पड़ता है ग्रामीणों की मानें तो कुछ समय पहले विधानसभा लोकसभा का चुनाव था चुनाव होने के बाद एक साल से अधिक बीत चुका चुनाव होने से पहले समस्याओं का समाधान करने वाले दोबारा गांव की तरफ नहीं आए अब ग्राम पंचायत जिला पंचायत जनपद पंचायत का चुनाव आ रहा है अगर हमारी मांगे पूरी ना की गई तो लोगों ने एक राय होकर चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही है।