Translate

शनिवार, 4 जनवरी 2020

भू-माफियों के सामने बौना साबित हो रहा प्रशासन।

भू-माफियों के सामने बौना साबित हो रहा प्रशासन।


● तहसीलदार के समय तक मुख्यालय पर ना रहने से समुचित व्यस्थायें ठप्प।

//विन्द्राबन विश्वकर्मा, मनीष सम्राट//

घुवारा(छतरपुर)। मध्य प्रदेश के मुखिया ने समूचे प्रदेश में एंटी माफियो की सूची तैयार कर जगह जगह कार्यवाही की जा रही है।
लेकिन में राजस्व विभाग के आलाधिकारियों का तगड़ा तालमेल चल रहा है।
तहसील कार्यालय के महज 100 मीटर दूरी पर तहसीलदार की मेहरबानी से अबैध कब्जा कर वेश कीमती भूमि पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा ठोक दिया है।
आपको बता दे यहां पर शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण की बाढ़ आ गई है,जिसमें राजस्व विभाग के आलाधिकारी द्वारा दलालों के माध्यम से मोटी रकम ऐंठ ली जाती है।
जिसके चलते अतिक्रमणकारियो और हौंसले बुलंद हो जाते हैं। राजस्व अमले एवं अतिक्रमणकारियों की सांठ गाँठ के चलते शासन की बेशकीमती ज़मीन का रकबा प्रतिदिन शिकुड़ता चला जा रहा है।
    इसी क्रम में घुवारा इकाई के पत्रकारों ने एसडीएम नाथूराम गौड़ को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि तहसील घुवारा अंतर्गत 56 गाँव है जो नगर घुवारा से लगे हुए है ।
यहां पर अतिक्रमणकारी यहां पर सक्रिय है। यहाँ पर तहसीलदार मुख्यालय पर नही रुकते है जिस कारण यहां पर अतिक्रमणकारी शासन की खाली पड़ी बेशकीमती ज़मीन पर खुलेआम अंधाधुन्द कब्जा करने में लगे हुए हैं। जो बिल्कुल गलत है। आप को बता दे कि तहसीलदार विजय कुमार सेन जिले में पहले से ही चर्चा में रहे है ।
यहां पर करीबन 12 बजे से लेकर 2 बजे तक तहसील कार्यालय आते है और शाम 3 या 4 बजे निकल जाते हैं।
जिसके चलते क्षेत्रभर से आने वाले किसान भाइयों के काम समय पर निराकृत नहीं हो पाते हैं। कई किसानों ने बताया अक्सर तहसीलदार साहब के न आने पर बाबू लोग सिर्फ पेशी की तारीख पर तारीख बढ़ाते रहते हैं।
     ऐसा ही समस्त हल्का पटवारियों का हाल है।कि इस समय एक भी पटवारी अपना तहसील स्तर पर मुख्यालय नही बनाये हुए हैं। इस सम्बंध में कई बार एसडीएम बड़ामलहरा से शिकायत की गई लेकिन आज तक कोई ठोस असर नही दिखाई दिया है। और यही वजह है कि हजारों किसान अपने काम कराने के लिए तहसील कार्यालय के महीनों से चक्कर काट रहे हैं।

इनका कहना है कि.....

"कुछ ही समय मे तहसीलदार अपना मुख्यालय घुवारा बनाएगे और मुख्यालय पर ही रुकेंगे।"

        नाथूराम गौड़( एसडीएम बड़ामलहरा )

"में अभी बात करता हूँ तहसीलदार को मुख्यालय पर रुकना ही होगा अगर नही रुकते है तो कार्यवाही की जावेगी।"

           प्रेमसिंह चौहान (अपर कलेक्टर छतरपुर)