हैडमास्टर से BRCC और DPC तक का दागदार सफर के बढते कदमो का अनोखा सच कौन है राजेश पटैरिया ???
//विवेक भास्कर//
ब्यूरो नेटवर्क निवाडी। जिला निवाडी मे शिक्षा विभाग लगता है मध्यप्रदेश शासन नही चला रहा है बल्कि स्थानीय लापरवाह और निरंकुश भ्रष्ट कारनामों मे संलिप्त असंगठित कुछ अधिकारी कर्मचारियों की गैंग स्कूल शिक्षा विभाग को चला रही है ।इसी बजह से इस विभाग में पदो की कोई गरिमा और मापदंड नियम निर्देश लागू नहीं है ।
यहां तो चापलूस सेवादार और जो ज्यादा सेवादार या भ्रष्टाचारी कृत्य में अत्यधिक निपुण है उसे वरिष्ठ पदो पर आसीन कर दिया जाता है ।
उदाहरण के तौर पर जिले का एक चर्चित हैडमास्टर राजेश पटैरिया और उसकी सहयोगी समर्थक गैंग के कुछ शिक्षको को सुविधा जनक पदो से नवाजा गया है।
जिसमें न कोई काम है न चिकिल्लिस ।
बता दे कि जिले भर में लगभग 50 से अधिक वरिष्ठ प्राचार्य पदस्थ है जिनका सेवाकाल बहुत प्रसंसनीय उनमे से किसी को भी जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी नहीं बनाया गया ।एक दोषपूर्ण कार्यगुजारियो मे संलिप्त बागी हैडमास्टर जिसके खिलाफ कई शिकायतें प्रचलन में है और गम्भीर आरोपों से घिरा है उसे ही जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी बना दिया गया है ।
जो वरिष्ठ प्राचार्यों को भी हैडमास्टर होते हुए दिशानिर्देश देता है ।
तथा उनकी मान मर्यादा के भी खिलाफ है ।
जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी के साथ साथ राजेश पटैरिया 10 वर्षों से BRCC पद पर है ।
जिससे साबित होता है कि स्कूल शिक्षा विभाग में मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह निष्क्रिय है और इस विभाग को बागियों के हाथ में सौप दिया गया है ।
हैडमास्टर से BRCC और DPC तक का दागदार सफर के बढते कदमो का अनोखा सच कौन है राजेश पटैरिया ?
एक संक्षिप्त परिचय
राजेश पटैरिया BRCC के बारे में इतना सुना हूँ कि यह उत्तरप्रदेश के ग्राम पंचायत बस्नेह जिला झांसी का निवासी हैं तथा एक निजी कम्पनी मे बस कंटेक्टर हुआ करता था राजनैतिक दाव पैच बिठाकर राजेश पटैरिया ने स्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की है तथा शिवराज सरकार में जनप्रतिनिधियों से नजदीकियां बनाकर नियमों के विपरीत इसे BRCC निवाडी बना दिया गया ।इस पद पर रहते हुए लगातार अनुमानित 10 वर्षो खुला भ्रष्टाचार और शासन विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है ।
विधानसभा चुनाव के दौरान इसे एक राजनैतिक दल का प्रचार समर्थन और वोट मांगते हुए पाये जाने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसके विरुद्ध कार्यवाही भी की थी निलंबित भी किया था ।
BRCC पद के लिए शिक्षक ठाकुर दास अहिरवार को सक्षम और पूर्णि आहर्ताएं योग्यताएं पात्र होने के बाबजूद भी उन्हें BRCC नही बनाया गया ।
मध्याह्न भोजन वितरक ऐजेंसी स्वसहायता ( समूहो ) प्रत्येक से एक हजार रुपए मासिक अवैध वसूली करता है राजेश पटैरिया का एक अन्य शिक्षक साथी आकाश खरे भी इसमें संलिप्त है ।
कक्षा 1 से 8 वी तक के सभी जनपद क्षेत्र में स्कूलों से हर माह अनुमानित एक लाख रूपये से ज्यादा की अवैध वसूली होती है ।
इसके डर और भय के कारण कुछ शिक्षक विरोध नही करते और जो विरोध करते तो यह निलंबित करा देता है ।
अपनी अवैध काली कमाई का कुछ कुछ हिस्सा राजनैतिक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पहुंचाता है ।
तथा चापलूसी प्रवृत्ति का भी है सुना है कुछ पत्रकारों को भी मैनिज किये हुए है इस भ्रष्ट BRCC को तत्काल पद से हटाना चाहिए तथा इसके सम्पूर्ण कार्यकाल और नियुक्ति की भी जांच होनी चाहिये।