जंगल मे नरकंकाल मिलने से क्षेत्र में फैली सनसनी... युवक की हुई हत्या या बनाया हैं जानवरों ने बनाया शिकार मामले की जांच में जुटी पुलिस।
//नरेंद्र अहिरवार//
दमोह/(जबेरा)। जबेरा थानांतर्गत ग्राम चौरई के जंगल मे नरकंकाल मिलने से सनसनी फैल गई।जिसकी सूचना स्थानीय लोगो द्वारा पुलिस चौकी सिग्रामपुर को दी।पुलिस ने मौके पर पहुचकर नरकंकाल कब्जे में लेकर जांच प्रारम्भ कर दी है।वही परिवारजन ने भी मृतक के साथ किसी अनहोनी घटना घटित होने की आशंका भी व्यक्त की है ।प्राप्त जानकारी अनुसार ऊपर पहाड़ के वनग्राम के जंगल मे स्थानीय लोगो को क्षतविक्षत व्यवस्था में नरकंकाल दिखा।तो पूरे क्षेत्र में यह खबर आग की तरह फैल गई।जिसकी सूचना स्थानीय लोगो ने सिग्रामपुर पुलिस को दी।पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर एफएसएल टीम को बुलाया।जहाँ टीम ने सूक्ष्मता से मौके पर जांच कर नरकंकाल को जप्त कर पोस्टमार्टम आदि कार्यवाही की।बताया जाता हैं कि नरकंकाल काफी पुराना एव क्षत विक्षत अवस्था मे जंगल मे पड़ा था।नरकंकाल को देखकर हत्या की आशंका से भी इंकार नही किया जा सकता।वही मौके पर आसपास के ग्रामवासी भी बड़ी संख्या में पहुच गए।नरकंकाल के पास पड़े कपड़ो एव अन्य साम्रग्री के आधार पर मृतक की पहचान की गई है। इस सम्बंध में मृतक के भाई राजेश ने बताया कि उसका भाई वीरेन्द्र विगत 12 फरबरी से लापता था। जिसकी तलाश परिजन अपने रिश्तेदारों व विभिन्न जगहों पर तलाश कर रहे है।
लेकिन विगत एक माह बीत जाने के बावजूद भी युवक का पता नहीं लग सका था। जिसके कारण परिजनों ने यह सोच किया था कि वह काम करने बाहर चला गया होगा। लेकिन 11 मार्च को जब गांव के कुछ लोग जंगल गए। तो उन्हें एक नर कंकाल मिला। उन्होंने गांव में सूचना दी। भाई राजेश गांव के करीब 100 लोग ओर पुलिस बल के साथ चोरई के जंगल पहुँचा। जंहा नर कंकाल के अवशेष बहा पड़े थे,मौके पर मिले कपड़े और जूतों के आधार पर मृतक की पहचान की गई। कि ये बीरेंद्र प्रधान पिता भूरा प्रधान उम्र करीब 30 बर्ष है। पुलिस की सूचना पर एफएसएल की टीम और मेडिकल आफिस डॉ एस. एस. मौर्य और एसडीओपी भी जंगल में मौके पर पहुँचे।घटना के सम्बंध में सिग्रामपुर चौकी प्रभारी इंद्राज सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगो की सूचना पर जंगल मे पहुचकर नरकंकाल जप्त किया है। जिसकी पहचान एक स्थानीय युबक के रूप में हुई है।पुलिस ने मामला जांच में लिया है। वहीं मामले की जांच रिपोर्ट उपरांत ही कुछ कहा जा सकता है।

