//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। रामटौरिया क्षेत्र में उड़द की फसल पीली पड़ने व रोग की चपेट में आने से नष्ट हो गई हैं। फसल को रोग के प्रकोप से बचाने के लिए किसानों ने कीटनाशक दवा छिड़की थी, लेकिन इसके बाद भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा। किसान मजबूर होकर फसल को हटाने का विकल्प चुन कर जानवरों को काटकर खिलाने के लिए मजबूर हैं।
• रामटौरिया क्षेत्र के.... किसानों का कहना है पंचू लोधी अमान राजपूत खुमान लोधी
शिवराज लोधी करने लोधी राजेश सिंह नारायण सिंह लोधी झंलू विश्वकर्मा अनेक किसानों की , उड़द की फसल पीली होने से उसमें फल नही लग सके जिससे वे मजबूर होकर फसल काटकर या खेतों में जानवर छोड़ रहे हैं। उड़द की फसल खराब होने को लेकर
सरकारी अधिकारी या जनप्रतिनिधियों ने सुध नहीं ली। ऐसे में किसानों के ऊपर अगली फसल के लिए संकट के बादल मंडरा रहे हैं। गत वर्ष उड़द तिलहन सोयाबीन मूंगफली मूंग की फसल बाजार में भाव तथा मुनाफा अच्छा मिलने से इस वर्ष सबसे अधिक उड़द की फसल बोई गई थी, लेकिन पीली पड़ने व रोग की चपेट में आने से उड़द के पौधों में फलियां ही नही लगी और खराब हो गई है।
• किसानों ने मुआवजे की गुहार लगाई.....
किसानों ने बताया कि, इस वर्ष लगाई गई पूंजी भी निकालना मुश्किल हो रहा है।
किसानों ने उड़द मूंग सोयाबीन तिलहन जैसी अनेक फसलें खराब होते हुए देख मुआवजे की गुहार लगाई है। सरकार हमारी फसल का सर्वे कराकर किसान हित की ओर ध्यान दें, ताकि अगली फसल की बुबाई हो सके। फसल पूरी तरह नष्ट होती जा रही है। सरकार द्वारा मुआवजा मिल जाए तो, उनको कुछ हद तक राहत मिल सके।
अभी 4 दिन की बारिश में सभी फसलें हुई चौपाटी