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गुरुवार, 24 सितंबर 2020

घुवारा। मछुआ समिति से बाहर किये सदस्यों का निराकरण करने जिले से आई टीम ने रिकॉर्ड अपूर्ण बताते हुए फिर टाली कार्यवाही।

 

मछुआ समिति से बाहर किये सदस्यों ने मत्स्य निरीक्षक सी.पी.सोनी पर लगाये लेनदेन के गम्भीर आरोप।



//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। नगर के कीरतसागर तालाब मछुआ समिति के सदस्यों को बिना कारण के पूर्व में मछुआ समिति के अध्यक्ष के द्वारा मत्स्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दर्जनों नामों को मछुआ समिति में से दरकिनार करते हुए अध्यक्ष ने अपने परिवार और चहेतों के नाम समिति में अवैधानिक तरीके से दर्ज करवा लिए थे।जिसके बाद मछुआ समिति से बाहर किये सदस्यों ने अपनी समस्या को जिले के मत्स्य विभाग के आला अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक पीड़ा बयां करते हुए अवगत कराया था।साथ मछुआ समिति में पुनः नाम दर्ज करने के साथ ही दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग मछुआ समिति से बाहर किये गए सदस्यों द्वारा की गई थी।जिसके परिपेक्ष्य में पूर्व में तीन बार छतरपुर जिला मुख्यालय से मत्स्य विभाग की टीमों के द्वारा घुवारा आकर मछुआ समिति के समस्त सदस्यों के समक्ष औपचारिकता दिखाते हुये मौके पर मछुआ समिति से बाहर किये सदस्यों के नाम पुनः सूची में दर्ज करने के आश्वासन के साथ ही दोषियों पर उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया गया था।लेकिन उसके बाद लॉकडाऊन में यह कार्यवाही ठंडे बस्ते में डाल दी गई।लेकिन जब प्रशासनिक गतिविधियां सुचारू रूप से फिर पुनः प्रारम्भ हुई तो समिति के कुछ सदस्यों के नाम तो जोड़ दिए गए लेकिन उसके बाद भी दर्जनों नाम छोड़ दिये गए।जिसके बाद उस सूची पर मछुआ समिति से बाहर किये गए सदस्यों के द्वारा आपत्तियां दर्ज की गई।जिसके निराकरण के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी भोपाल मुख्यालय से आदेश पारित 

करते हुए छतरपुर जिले के मत्स्य विभाग के सहकारी निरीक्षक एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सी.पी.सोनी को साफ तौर पर मत्स्य उद्योग सहकारी समिति मर्या.गंजपुरा घुवारा के निराकरण हेतु विशेष तौर पर लिखित निर्देश दिए गए थे।जिसके तारतम्ब में 22 सितम्बर 2020 को अंतिम रूप से मछुआ समिति का निराकरण किया जाना था।परंतु जिले से घुवारा पहुँची दो सदस्यीय टीम में सहकारी निरीक्षक सी.पी.सोनी एवं सहा.निरीक्षक पी.एस.खुराना के द्वारा सभी मछुआ समिति के सदस्यों के समक्ष रिकॉर्ड अपूर्ण होने की बात कहते हुए चौथी बार फिर से कार्यवाही को टाल दिया गया।

मछुआ समिति के प्रशासक के द्वारा पूर्ण रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के बाद भी जाँच दल ने रिकॉर्ड को बताया अपूर्ण।

मंगलवार को जिला मुख्यालय छतरपुर से घुवारा पहुँचे 

मत्स्य विभाग के दो सदस्यीय दल ने चंद मिनटों में रिकॉर्ड को अपूर्ण घोषित करते हुए कार्यवाही को स्थगित कर दिया

जबकि मछुआ समिति के प्रशासक एन.आर.अहिरवार ने पूर्ण रिकॉर्ड जाँच दल के समक्ष प्रस्तुत कर दिया था।

 जिससे मौके पर मौजूद मछुआ समिति से बाहर किये गए लोगों ने अधिकारियों के सामने नाराजगी जताते हुए सहकारी निरीक्षक सी.पी.सोनी के ऊपर लाखों रुपये विपक्षी पार्टी से लेनदेन के गम्भीर आरोप लगाये हैं।क्योंकि मछुआ समिति से बाहर किये गए सदस्यों का कहना था कि जब आज दिनांक को भोपाल मुख्यालय के आदेशानुसार 

पूर्णतः निराकारण किया जाना था और रिकॉर्ड भी पूर्ण होने के वाबजूद भी आखिर अधिकारियों के द्वारा मौके पर निराकरण नहीं करना स्वभाविक ही सन्देह के घेरे में आता है।इसलिए निश्चित तौर पर सी.पी.सोनी ने निराकरण नहीं किया है।जब सम्बन्ध में सी.पी.सोनी से भास्कर टीम ने पूर्ण जानकारी लेनी चाही तो वह जानकारी देने से कतराते हुए मौके से निकल गए।जिससे साफ तौर कहीं न कहीं मत्स्य विभाग के सहकारी निरीक्षक सी.पी.सोनी की भूमिका इस पूरे मामले में सन्दिग्ध नजर आ रही है।