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रविवार, 4 अक्टूबर 2020

निवाड़ी। उत्तरप्रदेश सीमा से सटे सरोवर में कबूतरों ने छोडा जहरीला पानी...लाखो मछलियों समेत गाय की मौत...ढीमर समुदाय ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन...चुरारा गांव का मामला।

//विवेक भास्कर //

नेटवर्क निवाडी। जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत चुरारा में स्थित सरोवर में   जहरीला पानी छोडने से लाखो मछलियों सहित एक गाय की पानी पीने से मौत हो गयी।

हासिल खबर के मुताबिक बताया जाता हैं चुरारा गांव की सीमा से सटी नदी के पार महज 100 मीटर की दूरी पर उत्तरप्रदेश की सीमा में वर्षो से अवैध कच्ची शराब का कारोबार संचालित कर रहे कबूतरों ने मदिरा भट्टी में प्रयोग कर रहे शराब बनाने के दूषित केमिकल युक्त जहरीला पानी कई दिनो से सरोवर में डाला जा रहा है जिसके कारण पानी जहरीला हो गया और लाखो मछलियों समेत दूषित जल का सेवन करने से गाय की मृत्यु हो गयी और आधा दर्जन से ज्यादा भैसे बीमार हो गयी ।

यहा के रहवासी बताते हैं कि  इस तालाब का जहरीला पानी इतना अत्याधिक हो गया है कि सरोवर के पानी मे नहाने से खुजली और त्वचा पर लाल चकंदे तथा फपोले पड जाते है ।

पीडित ढीमर समुदाय के जीतेन्द्र रायकवार का आरोप है कि उत्तरप्रदेश सीमा पर बसे कबूतरों में खासतौर से शिवकिशोर कबूतरा , अरविन्द्र , अभिषेक, रामरस और कबूतरा समुदाय के लोगो द्वारा मछली मारने के उद्देश्य से जानबूझकर जहरीला पानी माइनर नहर के नीचे गहरी खाई खोदकर जहरीला पानी सरोवर में डाला गया है ।

जिससे पानी दूषित हो गया और भारी संख्या में मछली मर जाने से  ढीमर समुदाय को पच्चीस लाख रूपयो से ज्यादा हानि हुयी है ।

बता दे कि चुरारा गांव में ढीमर समुदाय के लगभग 200 परिवार निवास करते है और आपस में समिति बनाकर सरोवर में मछली पालन का व्यवसाय ही अजीविका का मुख्य साधन है ।

 इस घटना से आहत कोरोना कोविड 19 महासंक्रमण के दौर से गुजर रहे मछुआरों का जीवन और भी आर्थिक रूप से संकटमय हो गया है ।

न्याय और सुरक्षा की आश लगाये पीडितो ने जिला कलेक्टर आशीष भार्गव सहित पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्रीय विधायक अनिल जैन से आर्थिक मदद की गुहार लगाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कर नाम दर्ज आरोपियों के विरुद्ध तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

मछुआरों की शिकायत पर जिला पुलिस अधीक्षका श्रीमती वाहनी सिंह ने पीडितो को कानूनी कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए अवैध रूप से देशी मदिरा फैक्ट्री संचालित कर रहे कबूतरों के खिलाफ जांच और कार्यवाही का भरोसा दिलाया है ।

ग्रामीणों को यह चिंता सता रही है कि अगर समय रहते जहरीले पानी की जांच पडताल कर पानी का परीक्षण नही किया गया तो असमय जनजीवन संकट में आ सकता है ।