//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
नेटवर्क छतरपुर। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं के बारे में अध्यक्ष और सीईओ को अवगत कराया। बैठक में जहां डीपीसी को लेकर खासी चर्चा हुई तो वहीं पंचायतों में मनरेगा की राशि निकालने के बाद भी काम न होने का मुद्दा छाया रहा। जिला पंचायत सीईओ तपस्या सिंह ने कहा कि गंभीर मुद्दों की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में बिजावर विधायक के प्रतिनिधि पुष्पेन्द्र सिंह कुटिया ने 10 वर्ष से विजयपुर प्राथमिक शाला का कार्य पूर्ण न होने का मुद्दा रखा वहीं सटई के स्टेडियम का काम 8 माह से बंद होने, मध्यान्ह भोजन के समूहों के आदेश न होने, बालिका छात्रावास सटई के पूर्व वार्डन हरिओम द्विवेदी को नियम विरूद्ध डीपीसी द्वारा हटाए जाने जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर अध्यक्ष का ध्यान खींचा। अध्यक्ष ने कहा कि पंचायतों को उपलब्ध कराई गई मनरेगा की राशि बिना कार्य कराए निकाल लिए जाने की जानकारियां आयीं हैं। इसके अलावा स्कूलों में गुणवत्ताहीन कार्य होने का भौतिक परीक्षण कराने की मांग भी सामने आयी है। अध्यक्ष एवं सीईओ ने कहा कि मनरेगा के कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को दी जाए, बैठक में अस्पतालों में होने वाली भर्ती में पूर्व से कार्य करने वालों को मौका देने की मांग, तीन साल से अधिक समय से छात्रावासों में डटे अधीक्षकों को हटाए जाने की मांग भी आई है। इसके अलावा सामाजिक न्याय विभाग में पदस्थ रहे भृत्य की मृत्यु पर मिलने वाली राशि को यहां पदस्थ आरके सोनी द्वारा लोन खाते में डाले जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की मांग उठी है। बिजावर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर काम के बदले 10 फीसदी कमीशन लेने के आरोप लगे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्राम पंचायत पिपराकलां, सतपारा, बंधा पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार के जांच के भी आदेश दिए हैं।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या हरिओम अग्रिहोत्री, उपाध्यक्ष पार्वती राजपूत, जिपं सीईओ तपस्या सिंह परिहार, अध्यक्ष प्रतिनिधि शशिकांत अग्रिहोत्री, सांसद प्रतिनिधि सुनील मिश्रा, धीरेन्द्र नायक सहित सदस्य एवं विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मिश्रनपुरवा में एक ही हितग्राही को मिल गए दो खेत तालाब सामान्य सभा की बैठक में एक मुद्दा यह भी सामने आया जिसमें अवगत कराया गया कि मिश्रनपुरवा के एक ही हितग्राही को दो खेत तालाब स्वीकृत कर दिए गए। एक खेत तालाब के लिए 1 लाख 30 हजार रूपए और दूसरे तालाब के लिए 10 हजार रूपए निकाल भी लिए गए हैं। आनंदम् से लखन असाटी को मुक्त किए जाने की मांग की गई है। वहीं डारगुवां पंचायत में पुराने सरपंच द्वारा कराए गए कार्य को दिखाकर नए सरपंच द्वारा पैसे निकाले जाने की शिकायत हुई है। 100 से अधिक पंचायतों में पेंडिंग पड़े कामों की जांच की मांग तथा फर्जी आंकड़ों को पेश किए जाने पर सीएमएचओ को फटकार लगाई गई।