//अजय भंवर//
नेटवर्क धार। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि उमंग सिंघार ने चुनावी नामांकन के में जो डिक्लेरेशन फॉर्म भरा था, उसमें तथ्यपूर्ण जानकारी नहीं दी गई है. जिसके आधार पर उमंग सिंघार के निर्वाचन को चुनौती दी गई है. यह याचिका विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी रहे सरदार सिंह की ओर से दायर की गई है.
याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता सरदार सिंह के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर प्रत्याशी रहे उमंग सिंघार ने नामांकन के दौरान गलत जानकारी दी. उनके द्वारा भरे गए डिक्लेरेशन में तथ्यपूर्ण जानकारी नहीं दी गई है. अधिवक्ता ने बताया कि डिक्लेरेशन में विशेषकर वैवाहिक विवाद को लेकर अदालत के पूर्व आदेशों का सही विवरण नहीं भरा गया है. इसी तरह अन्य त्रुटियां भी डिक्लेरेशन में थी।
नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सिंघार ने कई सारी जानकारियां नहीं दी या उन्हें छुपा लिया है. कुछ जानकारियां पूर्णरूप से नहीं दी गई हैं. उन्होंने कहा कि नियमानुसार निर्वाचन अधिकारी को सिंघार का नामांकन-पत्र निरस्त कर देना चाहिए था और उन्हें अमान्य किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता की मुख्य मांग यह है कि कांग्रेस विधायक व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का निर्वाचन निरस्त कर धार जिले की गंधवानी विधानसभा सीट पर नए सिरे से चुनाव कराए जाएं।
उल्लेखनीय है कि यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर धार जिले की गंधवानी विधानसभा सीट से पराजित प्रत्याशी सरदार सिंह मेडा की ओर से दायर की गई है. मेड़ा कांग्रेस प्रत्याशी उमंग सिंघार से चुनाव हार गए थे. जिसके बाद अब उन्होंने चुनाव के दौरान गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए सिंघार का निर्वाचन रद्द करने और गंधवानी सीट पर दोबारा चुनाव कराए जाने की मांग की है।