नेटवर्क सिंगरौली। वन विभाग सिंगरौली में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है,डीएफओ अखिल वंसल के उपर तरह तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, सभी आरोप और कोई नहीं बल्कि विभागीय कर्मचारी ही लगा रहे हैं,दरअसल डीएफओ वंसल किस कदर विभाग की व्यवस्था को लेकर तत्पर रहते हैं इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी हाल ही में एक लिपिक दंपत्ति ने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली थी,अब इस हृदय विदारक घटना की वजह चाहे जो भी हो लेकिन डीएफओ इस घटना से खुद को दूर नही कर सकते क्योंकि यदि समय रहते लिपिक और आरोप लगाने वाली विभागीय महिला कर्मचारी के बीच उत्पन्न हुए विवाद समाप्त करने की कोशिश की गई होती तो शायद लिपिक दंपत्ति आत्महत्या करने पर विवश नही होते,लेकिन डीएफओ के दफ्तर में सारा खेल होता रहा और डीएफओ उदासीन बने रहे,अब लिपिक दंपत्ति वाली घटना लोग भूले नहीं थे की एक और सुसाइड नोट सामने आ गया,यदि यह सुसाइड नोट सही है तो इस सुसाइड नोट में पूरी तरह से डीएफओ वंसल के उपर तरह तरह के आरोप लगाए गए हैं,यदि यह पत्र सही है तो साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि डीएफओ ने किस कदर विभाग में भ्रष्टाचार किया है,फिलहाल जिस तरह से वन विभाग सिंगरौली में आए दिन तरह तरह के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं ऐसे किसी बड़ी एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराने की आवश्यकता है
वनकर्मी ने डीएफओ के नाम लिखा सुसाइड नोट
सुसाइड नोट लिखकर लिपिक दंपत्ति के आत्महत्या करने के बाद इन दिनों एक और कर्मचारी लालमणि सिंह सहायक वनपाल वृत गोभा ने सस्पेंड होने पर वनमण्डलाधिकारी अखिल बंशल और एसडीओ वन बैढ़न नरेंद्र त्रिपाठी पर गम्भीर आरोप लगाते हुए 2 नोट लिखा है,इस सुसाइड नोट की विंध्य सत्ता पुष्टि तो नहीं करता लेकिन यदि यह नोट सही है और वनकर्मी ने ही लिखा है तो निश्चित रूप से डीएफओ सवालों के कटघरे में पहुंच रहे हैं,फिलहाल पहले नोट में उसने वन कर्मचारी संघ सिंगरौली को लिखा जिसमे उसने कहा है कि मैं आत्मग्लानि से प्रेरित होकर अपना जीवन समाप्त करना चाहता हूं। वहीं दूसरे नोट में वह डीएफओ सिंगरौली के उपर आरोप लगाते हुए लिखा है कि बिना जांच ,बिना नोटिस दिए 45 दिन से आप मुझे सस्पेंड किये हैं जो नियम विरुद्ध है।इतना ही नही इसी पत्र में वनपाल ने लिखा है सिंगरौली डीएफओ और एसडीओ वन बैढ़न द्वारा कड़ोरों रुपये के कराए जा रहे लघुवनोपज संघ एवं एनपीजी कार्यो में व्यापक रूप से भ्रस्टाचार किया है।इतना ही नही हर कार्य मे 20 से 25%कमीशन की मांग की जाती है।
वनकर्मी ने लगाया भ्रष्टाचार होने का गंभीर आरोप
उसी पत्र में वन कर्मी ने विभागीय अधिकारियों के उपर भ्रष्टाचार करने का गंभीर आरोप लगाया है,उसने लिखा है कि पिछले दिनों 30 नग खैर प्रजाति की लकड़ी की कटाई हुई थी जो राजस्व विभाग के क्षेत्र में आती है न कि जंगल विभाग में लेकिन उर्ती निवासी अशोक जायसवाल के कहने पर बिना जांच किये ही मुझ गरीब को 1लाख का हेराफेरी के आधार पर डीएफओ द्वारा निलंबित कर दिया गया,और डीएफओ ने कहा तुम्हारे खिलाफ रिश्वत लेन देन का वीडियो,ऑडियो भी है जबकि मेरे द्वारा निवेदन किया गया कि उक्त 30 पेड़ खैर की लकड़ी राजस्व क्षेत्र में थी जिसका विधिवत राजस्व विभाग से परमिशन भी था जंगल विभाग की लकड़ी नही है।लेकिन मुझ गरीब कर्मचारी की एक न सुनी गई ,मुझे किसी प्रकार की नोटिस,जांच न करते हुए सीधे सस्पेंड कर दिया गया और 45 दिन व्यतीत हो गए पर जांच आज तक नही हुई।
उसने लिखा है कि मैं एसडीओ वन और डीएफओ से बिनती करता रहा की उक्त पेड़ में मेरी कोई सहभागिता नही है और न ही वह पेड़ वन विभाग के जमीन में ही है पर मेरी नही सुनी गई ।मैं अपने परिवार के भरण पोषण के लिए परेशान हूं।जिस कारण मैं वन कर्मचारी संघ सिंगरौली के नाम अपने जीवन समाप्त करने के लिए निवेदन पत्र के माध्यम से आग्रह किया हूं।
ये भी लग रहे आरोप
आत्मग्लानि से परेशान होते हुए लालमणी सिंह वनपाल ने लिखा है की आप यानी डीएफओ और एसडीओ ने मुझ पर आरोप लगाकर सस्पेंड किया है लेकिन वास्तविकता तो यह है कि आप दोनों हर वन क्षेत्रों में एनपीजी एवं लघुवनोपज संघ द्वारा कराए जा रहे कार्यो के भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं,अब इन दोनों पत्रों के आधार पर यह साबित होता है कि आदिवासी वनकर्मी लालमणि सिंह को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है जिससे दुखी होकर वह वनमण्डल सिंगरौली में हो रहे व्यापक भ्रस्टाचार को उजागर किया है, जो एक बड़ा आरोप है ,आगामी मुख्यमंत्री आगवन पर इस सवाल को रखा जाएगा एवं वन विभाग में कराए गए कार्यो की जांच की मांग की जाएगी।
पत्नी के साथ मृत लिपिक भी लिखा था सुसाइड नोट
अभी हाल ही में एक वनकर्मी अपने नौकरी से टर्मिनेट होने पर अपने ही घर मे पति,पत्नी दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी और पांच पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ गए थे,कुल मिलाकर वन विभाग सिंगरौली में इन डीएफओ की उदाशीनत की बजह से एक और कर्मचारी परेशान हैं वहीं दूसरी ओर तरह तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं
इनका कहना है कि....
जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं उनकी जांच चल रही है संबंधित वर्मचारी पिछले कुछ दिनों से संपर्क में नहीं है,इसलिए यह बताना मुश्किल है कि उसी ने पत्र लिखा है,संपर्क में आने के बाद ही पुष्टि हो पाएगी,तब तक जांच चल रही है
अखिल वंशल, वन मंडला अधिकारी सिंगरौली