//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। घुवारा तहसील के ग्राम पंचायत पुरा में आवारा गौवंश और गौशालाओं की दुर्दशा ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की फसलें आवारा गायों के कारण बर्बाद हो रही हैं, जबकि गौशालाओं का संचालन पूरी तरह से अव्यवस्थित है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सरपंच द्वारा बनाई गई गौ सेवा समिति गायों की देखभाल में नाकाम साबित हो रही है। ठंड के मौसम में गायें खुले आसमान के नीचे ठिठुरने पर मजबूर हैं। ना तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही पानी की स्थायी सुविधा। समिति द्वारा शाम को गायों को एकत्र किया जाता है और सुबह होते ही छोड़ दिया जाता है।
जब मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया गया तो गायों को बेहद दयनीय हालात में पाया गया। सवाल यह है कि गौ सेवा समिति गायों की सुरक्षा के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभा रही है या भ्रष्टाचार में लिप्त है।
किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं, और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। क्या प्रशासन इस मामले में गौ सेवा समिति पर कार्रवाई करेगा या गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएगा?
क्या आवारा गायों और फसल बचाने का कोई समाधान निकलेगा? यह सवाल अब भी स्थानीय जनता के मन में बना हुआ है।