//वंदना जोशी//
नेटवर्क इंदौर। हमें समझना होगा कि हमें क्या चाहिए स्वतंत्रता या स्वच्छंदता सशक्तिकरण का मतलब स्वछंदता बिल्कुल नहीं है। हर महिला को सम्मान मिलना चाहिए पर किसी अन्य वर्ग को नीचा दिखाकर नहीं। यह बात महिला सशक्तिकरण अधिकारी डॉक्टर वचना सिंह परिहार ने कहीं। शनिवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस श्रीअटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महिला सशक्तिकरण अधिकारी डॉक्टर वचना सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश शासन बेटियों के विकास के लिए उन्हें शत प्रतिशत साक्षर करने का प्रयास कर रहा है । साथ ही अधिक से अधिक संख्या में वर्किंग वूमेन हॉस्टल भी राज्य सरकार द्वारा खोले जा रहे हैं। आज हमारे प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या में कमी और लड़कियों की साक्षरता दर में बढ़ोतरी हो रही है ।शासन के सभी विभाग मिलकर 2047 के महिला सशक्तिकरण के विजन को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम स्वयं सशक्तिकरण के महत्व को समझे तभी सरकार के प्रयास सफल हो पाएंगे। कार्यक्रम की अगली कड़ी में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ ममता चंद्रशेखर ने कहा कि हम बेटा या बेटी बाद में है पहले मानव है जो भगवान की सबसे अद्भुत रचनाओं में से एक है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां दो वर्गों के बीच उत्पीड़न और विघटन ना हो। सबका साथ सबका विकास को हमें अपनाना होगा। बेटा या बेटी में कोई छोटा या बड़ा नहीं है, बल्कि दोनों समान है। आज बेटियों के साथ बेटों को भी सशक्तिकरण की आवश्यकता है। बेटियां आज सभी जगह पर अपना मुकाम हासिल कर रही है। बेटा और बेटी दोनों ही समाज के महत्वपूर्ण अंग है, जिन्हें समान रूप से सशक्त करना जरूरी है।
बेटियों का सम्मान और पुस्तक विमोचन-कार्यक्रम में महाविद्यालय की उन 150 छात्राओं का सम्मान किया जिन्होंने एनएसएस, एनसीसी, योगा, खेल, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। साथ ही प्राचार्य डॉ .ममता चंद्रशेखर द्वारा लिखी गयी पुस्तक महिला सशक्तिकरण की अवधारणा का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया इस मौके पर प्रोफेसर महेश गुप्ता प्रोफेसर किरण गुप्ता प्रोफेसर संगीता मेहता प्रोफेसर श्रद्धा मालवीय मुख्य रूप से उपस्थित हुए कार्यक्रम का संचालन सुरेश चतुर्वेदी ने किया आभार डॉक्टर मीनाक्षी सिंह ने माना। उक्त जानकारी प्रोफेसर वन्दना जोशी ने दी।