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शुक्रवार, 29 मार्च 2019

सट्टा के नाजायज कारोबार में युवा पीढी हो रही बर्वाद।

सट्टा के नाजायज कारोबार में युवा पीढी हो रही बर्वाद।


कार्यवाही न करने के एवज में पुलिस वाले कर रहे धन उगाही।


//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। नगर में सट्टे के अवैध कारोबार ने अपनी गहरी जडें जमा लीं है।
सट्टे में दौलत कमाने के लालच में अनगिनत परिवार कंगाली के मुहाने पर जा पहुंचे है सारे हालातों से भली-भांति वाकिफ होने के बाबजूद पुलिस इस नाजायज धंधे की शर्मनाक हद तक अनदेखी आखिर क्यो कर रही है यह बात इलाके के बुद्धिजीवियों की समझ से परे है।
आरोप तो यह भी है कि अवैध धंधा चोकी प्रभारी अजान सिहं के संरक्षण में फलफूल रहा है।
कार्यवाही न करने के एवज में पुलिस कर्मचारी और अधिकारी सट्टे के नाजायज धंधे में लिप्त लोगों से लम्बे अरसे से अवैध उगाही कर रहे है।
 जानकरों की बातों पर यकीन करें तो नगर के मैन बस स्टैण्ड से लेकर नगरपरिषद तिराहा के अलाबा नगर की गलियो मे युवा पीढी़ पर सट्टे की खुमारी छायी हुई है।
इसके साथ ही बताया तो यह भी जाता है कि दौलत कमाने के चक्कर में महिलाएं भी पीछे नहीं है।
यहां के सटोरिये सीधे महानगरों के सम्पर्क में आकर रोज मधु, मिलन, कल्याण के भाव लेकर दांव लगा रहे है तो तीन पत्ती इक्का, दुर्री तीया दस अंकों का अलग ही खेल चल रहा है।
पुलिस की मिलीभगत से चल रहे सट्टे के इस अवैध कारोबार में प्रतिदिन लाखों के दांव लगानेे के चक्कर में कई ग्रामीण व युवा कर्जे में लद गये है।
जानकारी के मुताबिक सटोरिये सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक महानगरों से भाव लेकर मोबाइल पर गलियों व दुकानों पर जाकर दांव लगाते है तो दिनभर के अंक की जानकारी ऑनलाइन ही उपलब्ध करवा देते है।
नगर में चल रहे इस नाजायज धंधे के बारे में पुलिस पूरी तरह से वाकिफ है मगर पुलिस कर्मचारी और अधिकारी सट्टे के नाजायज करोबारियों से अवैध धन उगाही कर कोई अंकुश नहीं लगा पा रही है।
 नगर में सटोरियों के द्वारा ,बस स्टैंड ही इनका प्रमुख केंद्र बना हुआ है,सुबह 9 बजे दुकानें खुलने से लेकर रात 12 बजे तक यह खेल चलता है।

ऐसे लगता है सट्टा में पैसा।

पर्ची पर अंक व उनकी जोड़ पर पैसा लगता है। उदाहरण एक से दस के अंकों के बीच कोई भी तीन अंक खुलते है। जैसे 1, 3,6 बराबर 0 इन तीन अंकों में कुछ लोग प्रत्येक अंक पर पैसा लगाते है तो कुल जोड़ पर एक अंक पर 150 व कुल जोड़ पर 01 रुपए पर 10 रुपए मिलता है।
 इसके अलावा डबल अंक जैसे 3, 3, 2 खुला तो एक अंक पर 300 रुपए मिलता है। कुल मिलाकर सट्टा इस खेल में न सिर्फ अपराध बढ़ गये है बल्कि गृह कलह और आत्महत्या जैसे कदम उठाने युवा मजबूर हो गये है। गौरतलब है कि सट्टा के इस नाजायज कारोबार में महिलाएं भी बुकिंग करने में अहम भूमिका निभा रहीं है।

इनका कहना है कि.....

जब इस सबंध मे भंगबा टीआई प्रशांत मिश्रा से बात हुई तो उनका कहना अगर ऐसा है तो मै देखता हूं।

(प्रशांत मिश्रा थाना प्रभारी भगवां)