मारपीट के मामले में आरोपियों को छः-छः माह की सजा।
ब्यूरो छतरपुर। घुवारा चौकी क्षेत्र के हुए एक मारपीट एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
न्यायिक दण्डाधिकारी बडामलहरा संजय सिंह धाकड़ की अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए 6-6 माह की कठोर कैद और 15-15 सौ रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
अभियोजन कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार 10 दिसंबर 2011 को घुवारा चौकी में आकर फरियादी गनेशा कुशवाहा निवासी नकरया खेरा ने शिकायत कि करीब 12 बजे वह हरपा व महेश कुशवाहा अपने-अपने गड्डों में पम्प रखकर खेतों में सिंचाई कर रहे थे।
ऊपर के गड्डे से उसके गड्डे में पानी जा रहा था, तो होती कुशवाहा ने पानी बंद कर दिया तो उसने होती कुशवाहा से कहा कि उसके गड्डे में पानी बंद क्यों कर दिया। जिसपर होती कुशवाहा द्वारा उसको गालियंा देने लगा और इसी दौरान महेश कुशवाहा कुसिया (लोहे का धारदार हथियार) लिए था और हरपा कुशवाहा कुल्हाड़ी लिए गाली देते हुए आए। गाली देने से मना करने पर हरपा कुशवाहा ने एक कुल्हाड़ी मारी जो फरियादी गनेशा के बाये पैर में लगी, जिससे उसे खून निकल आया। महेश ने उसे एक कुसिया मारा जो बाये हाथ में लगा जब वह गिर गया तो हरपा और महेश ने कुल्हाडी व कुसिया से मारपीट की। जिससे उसके चिल्लाने पर उसका पुत्र और पत्नी उसे बचाने आए तो हरपा कुशवाहा व महेश कुशवाहा ने उसके पुत्र व पत्नी से भी मारपीट की गई। जिससे उनको भी चोटें आई। जाते समय आरोपियों रिपोर्ट करने पर जान से खत्म कर देने की धमकी दी गई। अभियोजन की ओर से एडीपीओ प्रज्ञेष मिश्रा ने पैरवी करते हुए कोर्ट में सबूत पेश किए। न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी संजय सिंह धाकड़ की कोर्ट ने आरोपीगण को दोषी पाते हुए हरपा कुशवाहा पिता तिजुआ कुशवाहा, होती कुशवाहा पिता मथरा कुशवाहा और महेश कुशवाहा पिता हरपा कुशवाहा को धारा 323/34 भादवि में 6-6 माह की कठोर कैद के साथ 15-15 सौ रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।