स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ हो नियंत्रित : कलेक्टर।
//खिलान पटैल//
ब्यूरो दमोह। जिले कलेक्टर तरूण राठी ने अध्यक्ष, सचिव, प्राचार्य, प्रधानाध्यापक, अशासकीय प्राथमिक एवं समस्त माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश दिये है कि अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के बस्ते का बोझ अत्याधिक हो गया है, परिणाम स्वरूप उनका सर्वागीण विकास बाधित हो रहा है तथा उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने संबंधितों को कहा है।उन्होंनें कहा विद्यालय का टाईम-टेबिल इस प्रकार से निर्धारित किया जायें कि एक दिन में अधिकतम चार विषयों का अध्यापन कार्य हो ताकि कम से कम दो विषयों की पुस्तकों का बोझ कम होगा।
अगले दिन दूसरे चार विषय जो कि पहले दिन से भिन्न हो, उनका अध्यापन कराया जायें, इससे पहले दिन उपयोग में लाई गई पुस्तकों के पुनर्रावृत्ति से बचा जा सकता है। साथ ही स्कूल बैग में अनावश्यक पुस्तके, अभ्यास पुस्तिकायें, गाईड व अन्य सामग्री न रखने बच्चों को समझाईश दी जायें। होम वर्क अभ्यास पुस्तिका से निरीक्षण करने का सप्ताह में विषयवार एक दिन निर्धारित किया जायें, जिस दिन जिलस विषये के होमवर्क की जांच होनी है उस दिन बच्चें सिर्फ उसी विषय की अभ्यास पुस्तिका लेकर जायेंगे।
पालक शिक्षक संघ की बैठक में भी बस्ते के वजनवार होने से संभावित परेशानियों से अभिभावकों को भी अवगत कराया जायें ताकि अभिभावक को बच्चों के लिए कम वजनवार बेग उपयोग में लाने के लिए प्रेरित किया जायें।
कलेक्टर श्री राठी ने कहा यदि विद्यालय में ही बच्चों के लिए पृथक-पृथक बुक सेल्फ की व्यवस्था की जा सकती है, तो सुनिश्चित की जाये, इससे बच्चे सिर्फ आवश्यक पुस्तके ही बेग में रखेंगे और शेष पुस्तके उनकी बुकसेल्फ में सुरक्षित रखी जायेंगी, इससे भी बस्ते का बोझ कम होगा।
विद्यालय में ही बच्चों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जायें, ताकि बच्चों की घर से पानी की वाटल न लानी पड़े इसकी सूचना अभिभावकों को भी दी जायें। यदि शाला भवन बहु मंजली है, तो ऐसी स्थिति में नर्सरी से दूसरी तक की कक्षाएं अनिवार्यत ग्राउण्ड फ्लोर के कक्षों में ही संचालित की जायेगी एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं वजनवार बेग लाने ले जाने की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जायें।