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मंगलवार, 20 अगस्त 2019

जिले के करीब सैकड़ा भर ग्रामों का हाईवे से टूटता संपर्क।

  • जिले के करीब सैकड़ा भर ग्रामों का हाईवे से टूटता संपर्क।


सुनार नदी ने किसानों के खेतों को निगला,तेज़ बहाव जारी।


//खिलान पटेल//

ब्यूरो दमोह। जिले के नरसिंहगढ़ के समीप से बह रही सुनार नदी की धारा को सीधा करने के लिए करीब तीन माह पहले जल संसाधन विभाग के मार्फत एक कांक्रीट बाउंड्रीवॉल कलेक्टर निर्देश पर नदी में बनाई गई है।
वैसे तो इस सुरक्षा दीवार से किसानों के खेतों की मिट्टी को पानी के बहाव में बहने से बचाया जाना था। लेकिन गलत तरीके से बनाई गई इस दीवार की वजह से अब पहले से भी अधिक खेतों की मिट्टी को नदी निगल रही है और खेतों में गहरी खाइयां निर्मित कर रही है।
 इसके अलावा नदी से सटकर निकला जेरठ निबौरा मार्ग जो कभी नदी के पानी से बंद नहीं हुआ अब वह भी नदी उफान पर होते ही बंद हो जाता है।
जिससे करीब 80 से 90 गांवों का संपर्क दमोह-छतरपुर स्टेट हाइवे से टूट जाता है और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लोगों को डायवर्ट मार्ग का उपयोग कर चक्कर लगाना पड़ रहा है।
 सुनार नदी के बहाव को परिवर्तित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बाउंड्रीवॉल बनाने का कार्य एनजीटी के आदेश के परिपालन में किया गया था। दरअसल एनजीटी द्वारा प्रस्तुत एक जनहित याचिका में फैसला सुनाते हुए कलेक्टर कमिश्नर को तलब कर दिया था। कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में कांक्रीट की दीवार बनाने का कार्य शुरु कर दिया गया था। निर्माण कार्य शुरु होने के समय स्थानीय लोगों ने इस बात का विरोध किया था कि जो दीवार बनाई जा रही है इसका गलत जगह निर्माण हो रहा है। जिस तरह से दीवार को बनाया जाना चाहिए वैसा नहीं बनाया जा रहा है।
लेकिन स्थानीय लोगों की नहीं सुनी गई और अब बारिश के इन दिनों में सुरक्षा के मद्देनजर बनाई गई दीवार ही हजारों लोगों के लिए नासूर बन गई है।