DIG के निर्देशन के बाद भी थाना बक्स्वाहा में क्यों नही निपट रहे लांबित प्रकरण???
स्वास्थ केंद्र मे निजी कम्पाउन्डर की गलती से मासूम की जान जाने के पांच माह बाद भी परिजनों को नहीं मिला न्याय।
(परिजन)
//रूपेश जैन//
बकस्वाहा(छतरपुर)| बीते दिनों पहले थाना बकस्वाहा के वार्ड क्रमांक ०१ में रहने वाले नृपत पटैल पिता कमला पटैल की छ: वर्षीय मासूम बेटी राधा बाई की निजी कंपाउडर द्वारा गलत इंगजेक्शन लगाने से मौत हुई थी|प्राप्त जानकारी के मुताबिक बकस्वाहा के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में बीएमओ के पद पर पदस्थ डॉ अहिरवार के किसी निजी कंम्पाउडर द्वारा बेटी के मामूली बुखार पर इलाज के दौरान गलत इंगजेक्शन लगाने के लगभग ठीक दस मिनिट बाद बेटी की मौत हो गयी थी|
जिसके ठीक पांच माह बाद भी अगर कोई कार्यवाही नही होती है तो यह भी कही ना कही पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों बड़ामलहरा में डीआईजी अनिल महेश्वरी,एसपी तिलक सिंह द्वारा ली गई थाना प्रभारियों की संयुक्त बैठक के दौरान सर्वाधिक लांबित प्रकरणों को लेकर बकस्वाहा थाना प्रभारी रामनाथ तिवारी एवं भगवा थाना प्रभारी को सख्त लहजे में फटकार भी लगाई गई थी तथा उच्च अधिकारियों के निर्देशन के बाद भी इन लांबित प्रकरणों पर अगर कोई संतुष्टजनक कार्यवाही नही की जाती है तो यह भी शून्य कार्यशैली की ओर ध्यानाकर्षित करती है।
मासूम बच्ची के परिजन नृपत कमला पटेल नें गुहार लगाते हुये कहा कि साहब अभी तक लगभग पांच माह गुजरने के बाद भी अगर कोई कार्यवाही नही की गई है तो अब हमें और कितना इंतजार करना होगा तो साथ ही पुलिस पर आरोप लगाते हुये कहा कि कार्यवाही पुलिस ही नही कर रही है।