सर्व-समाज ने एकत्रित होकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
विगत दिनों पहले शिवपुरी में दो मासूमों की हत्या का किया विरोध।
//नरेंद्र अहिरवार//
(दमोह)। शहर के विभिन्न अनुसूचित जनजाति जनजाति के सामाजिक संगठनों में शिवपुरी के भावखेडी ग्राम में दो मासूम बच्चों की खुले में शौच करने के कारण की हत्या से विभिन्न वर्गों में रोष व्यक्ति हैं और विभिन्न समाज के लोग इस निंदनीय घटना से आहत है। जिसमे संलिप्त आरोपी हाकम यादव और रामेश्वर यादव के ऊपर कठोर कार्यवाही को लेकर ज्ञापन का दौर लगातार जारी हैं। इसी क्रम में आज शहर के समस्त अहिरवार समाज संघ द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमे मुख्य रूप से अहिरवार समाज संघ के जिलाध्यक्ष बी.डी. बावरा ने बताया कि ग्राम भावखेड़ी जिला शिवपुरी मप्र के निवासी मनोज वाल्मीकी के पिता द्वारा बताया गया कि उसका बेटा एवं बेटी सुबह करीब 6.30 बजे खुले में शौच के लिए गए थे इसी बीच आरोपी रामेश्वर एवं हाकिम यादव वहां पहुंचे और उन्होंने बच्चों को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया पिटाई से दोनों बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना रंजिश के तहत बताई गई है। पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुछताछ में एक गिरफ्तार ने कहा कि मुझे भगवान का आदेश हुआ है कि इस धरती पर राक्षसों का सर्वनाश कर दो, इसलिए मैं राक्षसों का वध करने निकला हुं। इस स्थिति में यह स्पष्ट होता है कि अभी तक तो इस देश में अनुसूचित जाति, दलित वर्ग के समाज को संबांधित किया जाता है, परंतु अब भगवान केे आदेशानुसार राक्षसों की श्रेणी में रखा जाने लगा है जो धार्मिक विचारों को रखकर भगवान का आदेश मानकर हत्याओ की शुरूआत की जा रही है। वैसे भी आए दिन दलितों पर अत्याचार जैसे मां एवं बहनों के साथ बलात्कार, आग से जलाना, गांवों से बाहर निकालना जूता चप्पल सिर पर रखना, गावं में कुआं हेण्डपाइप पर सार्वजानिक स्थानों पर पानी नहीं भरने देना, शादी-ब्याह में घोड़ी पर बैठने से रोकना, छुआछूत जैसे विद्वेष कार्य किसी से छिपे नहीं है जो लगातार जारी है। अहिरवार समाज द्वारा अनुरोध किया गया है, कि आरोपियों को फांसी की सजा एवं पीडित परिवार को अधिक से अधिक सहायता दिलाने की मांग के साथ साथ समस्त अनुसूचित वर्ग द्वारा इस घटना की कड़ी निंदा की गई है। इस मौके पर जिला अध्यक्ष बीड़ी बावरा, झुन्नीलाल राही, रामेश्वर चौधरी, नीलेश पारोचे, संजय रोहितास, प्रेमलाल अहिरवार, गोरेलाल, प्रदीप जाटव, शिवराम, चंदन, अशोक अहिरवार, मुकेश अहिरवार, हेमंत अहिरवार, प्यारेलाल भारती एवं विभिन्न समाज के लोगों की मौजूदगी रहीं।