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गुरुवार, 17 अक्टूबर 2019

पीछे नही बेटियां: सरकार की मदद से स्वयं संचालक बनी बेटी।

पीछे नही बेटियां: सरकार की मदद से स्वयं संचालक बनी बेटी।


//नरेंद्र अहिरवार, खिलान पटेल//

    एजेंसी दमोह। बेटियां आज किसी भी काम में पीछे नहीं है, यदि हम देखें तो परिवारिक कार्यों के साथ-साथ शासकीय नौकरियों से लेकर भारतीय सेना तक अपनी पकड़ बेटियों ने बनाई है।
बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में भी पीछे नहीं है, समाज के प्रति अपनी निष्ठा और जिम्मेदारी को पूरी सिद्दत के साथ निभा रहीं है।
 दमोह जिले की तहसील तेन्दूखेड़ा के एक छोटे से ग्राम झलौन की रहने वाली मेहनती और काबिल बेटी मेघा नामदेव भी उन्हीं बेटियों में से एक है जो अपनी मेहनत के बल पर ब्यूटी पार्लर का सफल व्यवसाय कर ग्राम में अपना नाम रोशन कर रही है और दुल्हन ब्यूटी पार्लर की संचालिका बन गई है।
बीए पास मेघा नामदेव कहती है आजीविका मिशन की सहायता से मैने ब्यूटी पार्लर के लिये ऋण लेकर एक बड़ा शीशा, कुर्सी, धागा लिया और अपना व्यवसाय प्रारंभ किया, धीरे-धीरे गांव में मेरी तरक्की होती गई, मुझे काम मिलता गया, ब्यूटी पार्लर अच्छा चलने लगा तो मैने सुविधा अनुसार हर सामान खरीदा, अपने काम को आगे बढ़ाया और आज मैं अपने ग्राम झलौन में दुल्हन ब्यूटी पार्लर के नाम से खोलकर व्यवसाय कर रही हूं ।

      कहती है ग्राम झलौन एक छोटा सा गांव है, जहां 12-13 सौ लोग रहते है, लेकिन ग्राम में जब भी शादी विवाह होते है, तो मुझे बहुत शादी के आर्डर मिलते है, दुल्हनों को सजाती-तैयार करती हूं, जिससे मेरी आय बढ़ती है। जितनी आय मुझे साल भर में नहीं होती है, उतनी शादी विवाह के सीजन में हो जाती है, सरकार द्वारा स्थापित आजीविका मिशन के द्वारा ही मैं यहां तक पहुंची हूं।
आजीविका मिशन ने हमारे लिये बहुत मदद की है। समूह की मदद से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया है।