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मंगलवार, 7 जनवरी 2020

पीड़ित युवक शासकीय विभाग के सामने आया फाँसी लगाने।

पीड़ित युवक शासकीय विभाग के सामने आया फाँसी लगाने।



● अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी से परेशान हैं युवक,पैसे मांगने के लगाये आरोप।


● काम करने के एवज में दो देशी मुर्गा खा गये कर्मचारी।


// विन्द्राबन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। सोमवार की दोपहर को नगर परिषद कार्यालय घुवारा के प्रांगण में एक युवक द्वारा रस्सी ले जाकर परिषर में लगे पेड़ पर फन्दा बनाता देख नगर परिषद के कर्मचारियों एवं स्थानीय लोगों में अफरा तफरी मच गई।जब युवक से लोगों द्वारा पूंछा गया कि यह कदम क्यों उठा रहे हो तो युवक ने कहा मैं और मेरा पिता पीएम आवास पाने के लिए पिछले
दो साल से नगर परिषद के चक्कर काट रहे हैं,लेकिन परिषद में दस्तावेज जमा करने के बाद भी आज दिनांक तक पीएम आवास स्वीकृत नहीं किया गया है।जबकि अपात्र लोगों को पीएम आवास का लाभ कई वर्ष पहले मिल चुका है।और मेरी परिवार की स्तिथि दयनीय होने के वाबजूद भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रखा जा रहा है इसलिए मैं आज अपनी जीवनलीला को समाप्त करने परिषद आया हूँ।मौके पर मौजूद लोगों एवं कर्मचारियों ने जैसे तैसे उस युवक को भरोसा दिलाते हुए समझाया।।
     जानकारी के मुताविक नगर के वार्ड क्रमांक-13 निवासी विजय पाल पिता भीला पाल,ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दो साल से पीएम आवास पाने के लिए नगर परिषद घुवारा के चक्कर काटते-काटते मेरी 6 जोड़ी चप्पल टूट गईं।लेकिन आज तक पीएम आवास नहीं दिया गया।
साथ ही नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा पीएम आवास स्वीकृत करने के ऐवज में बार बार एडवांस में कभी पांच हजार तो कभी दो हजार रुपये देने का दबाव बनाया जाता है।लेकिन घर की माली हालत होने के चलते मैं इन कर्मचारियों को पैसे कहाँ दूं।मेरे घर में बूढ़े माता-पिता के आलवा मेरी छोटी-छोटी 6 बहिनें और मुझे मिलाकर दो  भाई हैं।हमारे पास किसी प्रकार की ज़मीन नहीं है।जैसे
तैसे मजदूरी करके अपना और अपने छोटे-छोटे भाई बहिनो का भरण पोषण कर रहें हैं।युवक विजल पाल ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि पीएम आवास दिलवाने के नाम पर नगर परिषद के दो कर्मचारियों ने मुझसे दो देशी मुर्गा खा लिये लेकिन आज तक आवास स्वीकृत नहीं किया गया। जिसके चलते मैं और मेरे परिवारजन बेहद परेशान हैं।
नगर में उक्त युवक जैसे कई लोग अभी भी हैं जिन्हें वास्तव में पीएम आवास योजना के लाभ से वंचित रखा गया है। लेकिन अपात्र लोगों को नगर परिषद द्वारा धड़ल्ले से पीएम आवास योजना का लाभ दे चुकी है।कई लोग दिनभर
पीएम आवास पाने के लिए नगर परिषद के चक्कर काटते नजर आते हैं या फिर चक्कर काटते-काटते हार थककर अपने घर चुप होकर बैठ चुके हैं ।नगर परिषद के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की इस तरह की मनमानी साफ तौर पर जाहिर कर रही है।कि बिना लेनदेन के किसी भी हितग्राही को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है।बल्कि अपात्र लोगों को
जब इस सम्बंध में बुंदेलखंड प्रजेंट न्यूज द्वारा नगर परिषद सीएमओ मिथलेश गिरी गोस्वामी से दूरभाष पर उक्त युवक को पीएम आवास योजना का लाभ अब तक क्यों नहीं दिये जाने का कारण जानना चाहा तो पहली बार में फोन रिसीव नहीं किया और दूसरी बार में फोन बंद कर लिया।जिससे साफ जाहिर होता है।की कहीं न कहीं नगर परिषद के द्वारा से लापरवाही की गई है।