नेटवर्क भोपाल। पिछले कई हफ्तों से मध्य प्रदेश की राजनीति अब खत्म हो गई। भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात को एक बार फिर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें शपथ राज्यपाल लालजी टंडन ने दिलाई। इसी के साथ उन्होंने चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रच लिया है।
हालांकि उन्होंने अकेले ही शपथ ली तथा उनके मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य ने आज शपथ नहीं ली, यहां राजभवन में रात नौ बजे हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल टंडन ने उन्हें मुख्यमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
हालांकि उन्होंने अकेले ही शपथ ली तथा उनके मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य ने आज शपथ नहीं ली, यहां राजभवन में रात नौ बजे हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल टंडन ने उन्हें मुख्यमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
देश एवं विश्व में चल रहे कोरोना वायरस के खतरे के चलते कार्यक्रम को संक्षिप्त एवं सामान्य रखा गया। इसमें निवर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा चुनिंदा विधायक उपस्थित थे। शिवराज सिंह चौहान राज्य के 32वें मुख्यमंत्री है। प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले व्यक्ति हैं। इससे पहले राजधानी भोपाल विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान को नेता चुन लिया गया था।। इस फैसले के बाद अब चौहान के चौथी बार मुख्यमंत्री बनना तय हो गया था। इससे पहले विधायक दल की बैठक में राज्य पर्यवेक्षक अरुण सिंह और विनय सहस्रबुद्धे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिेये शामिल हुए।
