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मंगलवार, 3 मार्च 2020

विभागीय मापदंडो की अनदेखी....नियमों को ताक पर रखकर...मनमाने दाम पर शराब की बिक्री करके...ठेकेदार भर रहे अपनी जेब।

विभागीय मापदंडो की अनदेखी....नियमों को ताक पर रखकर...मनमाने दाम पर शराब की बिक्री करके...ठेकेदार भर रहे अपनी जेब।


     //शानू अली//    

भगवां(छतरपुर)। एमआरपी रेट से अधिक रेट पर शराब की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब की दुकान पर आबकारी विभाग  के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से ठेकेदार एमआरपी से ज्यादा रेट पर शराब की बिक्री कर  अपनी जेबें भर रहे है। यह लम्बे समय से अंकित कीमत से अधिक पैसा  लेकर आम लोगो को लूटने लगे है। जानकारी के वावजूद भी आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। ग्रामीणों का मानना है की ऐसे मे इनकी मिली भक्ति से इनकार नही किया जा सकता।  जानकार बताते है कि शराब ठेकेदार महँगे दामों मे दुकान खरीदकर आम लोगो को चूना लगाते है। शराब ठेकेदार द्वारा ग्राहकों से अधिक पैसा बसूल कर आबकारी विभाग के आदेश को ठेंगा दिखाया जा रहा है। भगवॉ दुकान से देशी शराब ख़रीदने बाले एक ग्राहक ने  बताया कि प्लेन क्वार्टर पर 50 रुपए अंकित होने के बाद भी सेल्समेन द्वारा अबैध रूप से 80 रुपए बसूले गए है। प्रत्येक क्वार्टर पर 30 रुपए अधिक बसूल करने पर ग्राहक के पूंछने पर अपना नाम देशराज रजक बताते हुऐ  कहा कि ठेकेदार ने प्रिंट रेट से 30  रुपये अधिक लेने का आदेश दिया है।

●  मुख्य मार्ग पर शराब दुकान।


एक ओर  सरकार प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की बात कह रहे है। वही अनेक स्थानों पर नियम विरुद्ध तरीके से शराब दुकाने संचालित होने के बाद भी उनके ऊपर कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्राम पंचायत भगवॉ में मुख्य बस स्टैंड से महज 100 मीटर की दूरी पर गांव के मुख्य मार्ग तिराहा पर शराब दुकान खोली गयी है। गांव के राजू रैकवार हरीराम रानू जैन बताते है कि सार्वजनिक तिराहा पर स्थित शराब दूकान ग्रामीणों को परेशानी का सबब बनी हुई है। यहाँ सुबह 6 बजे से शुरू होकर देर रात शराबियो की आवाजाही लगी रहती है। कई मर्तवा यह शराबी नशे में धुत्त होकर बीच सड़क में ही गिर जाते है, ऐसे में निरंतर दुर्घटनाओ की आशंका बनी रहती है।

 ●  दुकान हटाने का प्रस्ताव।


ग्रामीणों का  कहना है कि गांव में एक शराब दुकान बिना किसी मापदण्ड के संचालित होने के बाद भी अनेक स्थानों पर अबैध रूप से शराब बेची जा रही है। इससे गांव का माहौल दिन प्रतिदिन दूषित हो रहा है। साथ ही बस स्टैंड के पास खुली शराब दुकान पर दिन भर शराबियो की धमाचौकड़ी मची रहती है। इससे महिलाओ व बस के इंतज़ार में खड़े मुसाफिरों व को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ता है। साथ ही उसी मार्ग से निकल कर दोनों छात्रबास की बच्चियों को गुजरना पड़ता है जिससे शराबियों द्वारा अनहोनी का भी डर बना रहता है  इसी मार्ग से गुजर कर मंदिर मस्जिद के के लिए भी जाना पड़ता है शराब दुकान के 50 मीटर दूर ही छत्रसाल जी की प्रतिमा भी स्तिथ है ।अब देखना ये है कि प्रशाशनिक अधिकारी कबतक इस पर गौर फिकर करते है या फिर ऐसे ही ग्राम के बीचोबीच संचालित छोड़ देते है