ई-वेस्ट ने जिले में बनाया रिकॉर्ड...निगम की सराहना....पर्यावरण संरक्षण के लिए खोजा कारगर उपाय।
नेटवर्क सागर। रोजमर्रा के उपयोग होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लोगों की जीवन शैली में ही ढल गए हैं ऐसे में रोजाना खराब या पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तादाद भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।
जो पर्यावरण के लिए आने वाले समय में पर्यावरण के लिए एक बडी दुविधा उत्पन्न हो रहा है तथा इसके जमाव के कारण बडी मात्रा में प्लास्टिक एवं ई-बेस्ट का व्यर्थ कचरा एकत्रित हो जाता है, परंतु सागर नगर निगम ने इसके निदान के लिए उपाय भी खोज निकाला है शहर की ही सामाजिक संस्था सार्थक ई बेस्ट पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहतर कार्य करने वाली एक समाजसेवी संस्था है संस्था के प्रमुख शिवांश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था द्वारा सागर शहर का पिछले 4 माह में 3 टन ई-कचरा डिस्पोज के लिए राजस्थान अलवर में भेजा दिया गया है जो रीसायकल होकर दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा।
● चलाया गया व्यापक जागरूकता अभियान।
आपको बता दें कि शहर की इस संस्था ने विगत सालभर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक प्रमुख आयाम स्थापित किया है जो लोंगो को जागरूक करने के लिए डोर टू डोर कैंपेनिंग के साथ ई कचरा के संरक्षण करने के लगातार प्रयास कर रही है तो वही जगह जगह नुक्कड़ नाटक, जन चौपाल एवं फोनो सिस्टम के जरिए भी लोगों को व्यापक स्तर पर जागरूक किया है अतः कैम्प लगाकर ई बेस्ट पदार्थ को अच्छे दामों पर देने में यह संस्था कारगर साबित हुई है, जिसने सागर शहर में ई कचरा संग्रहण या पर्यावरण संरक्षण हेतु ई कचरे संरक्षण के लिए संस्था द्वारा मोबाइल नंबर जारी भी किया 6262856363 है जिससे सिर्फ मिस्डकॉल देकर लोग घर से ही अपना व्यर्थ ई कचरा उचित दर पर बेच सकते हैं।
● क्या है ई कचरा प्रबंधन।
ई-कचरा यानी ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद जिनका उपयोग हो चुका हो और अब वह उपयोग के नहीं बचे हो इनमें प्रमुख रूप से कंप्यूटर ,लैपटॉप, वाशिंग मशीन ,रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर ,टीवी ,मोबाइल, सीपीयू, प्रिंटर, मिक्सी, रेडियो टेलीफोन, समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल है इनके पार्ट्स बायोडिग्रेडेबल नहीं होते हैं लिहाजा इन्हें मानक तरीके से रीसाइक्लिंग नहीं किया जाता है।
● नगर निगम ने समवय स्थापित कर किया सार्थक प्रयास।
सागर नगर निगम ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए खास मुहिम चलाई है तो वहीं शहर की समाजसेवी संस्था सार्थक की वेस्ट के साथ समन्वय स्थापित करके पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नया आयाम स्थापित किया है।

