Translate

रविवार, 22 मार्च 2020

जनता कर्फ्यू का असर...लोगों ने घरों में कैद रहकर बिताया पूरा दिन।

जनता कर्फ्यू का असर...लोगों ने घरों में कैद रहकर बिताया पूरा दिन।


//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। नगर घुवारा में जनता कर्फ्यू का असर सुबह से लेकर देर शाम तक देखने को मिला है।इस जनता कर्फ्यू का नगर वासियों ने समर्थन करते हुए रविवार का पूरा दिन लोगों ने अपने परिजनों के बीच रहकर अपने घरों में व्यतीत किया।साथ ही नगर के व्यापारियों एवं दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों को बंद रखकर इस जनता कर्फ्यू में  सहयोग प्रदान किया है।

पुलिस एवं नगरीय प्रशासन दिनभर रहा चौकन्ना...कोरोना को हराना है,अपने घरों में रहना है।

स्थानीय प्रशासन के द्वारा जनता कर्फ्यू 22 मार्च के बारे एक दिन पहले ही नगर परिषद के द्वारा नगरवासियों को जनता कर्फ्यू के बारे में नगर में अलाउंस करवाकर अवगत करा दिया गया था।जिसके परिपेक्ष्य में नगर वासियों ने सुबह से ही अपने जरूरी कार्यो को निपटाकर अपने घरों में परिजनों के बीच रहकर घर में बने व्यजनों का लुफ्त उठाते हुए टीवी,समाचार पत्र,मोबाईल इत्यादि से मनोरंजन करते हुए पूरे दिन को व्यतीत किया।

नगर के बस स्टैंड पर भटक रहे भूखे प्यासे वृद्ध को,मीडियाकर्मियों की पहल से प्रशासन ने भिजवाया घर।

रविवार को जनता कर्फ्यू की चपेट में एक 70 वर्षीय वृद्ध गलतीवस बस से नगर घुवारा सुबह 7 बजे आ पहुंचा जिसके बाद से वह भूँखा प्यासा अपने घर वापिस जाने के लिए वाहनों का इंतजार करता रहा।लेकिन कोई भी वाहन न मिलने एवं समय अधिक हो जाने के चलते वृद्ध और घबराने लगा।इसी बीच सुबह करीब 11बजे नगर के बस स्टैंड पर कबरेज करने पहुँचे कुछ मीडियाकर्मियों की नजर उस परेशान वृद्ध पर पड़ी और उसके पास जाकर अकेले घूमने की वजह पूँछी तो वृद्ध ने अपनी आपबीती बयां करते हुए अपना नाम तुल्ला अहिरवार उम्र करीब 70 वर्ष निवासी अमरमऊ के पास नुना गांव जिला सागर का होना बताया।
और बताया कि मैं डॉक्टर को दिखवाने सागर गया हुआ था।कि रविवार की सुबह मिश्रा कंपनी की छिंदवाड़ा बस में सागर से शाहगढ़ जाने के लिए बैठा,लेकिन ऐन वक्त पर नींद लग जाने से वह गलतीवस घुवारा आ गया।उसके बाद से कोई वाहन नहीं मिल रहा और भूंख भी लगी है।तब मीडियाकर्मियों ने वृद्ध की मदद करते हुए अपने एक परिचित युवक के यहाँ से खाना और पानी मंगवाया और वृद्ध को ढांढस बंधाते हुए शांति से भोजन करने को कहा।वृद्ध के पास न तो अपने किसी बेटे या परिवार जनों का सम्पर्क नम्बर नहीं था।जिसके चलते पहले बड़ामलहरा एसडीएम नाथूराम गोड़ को परेशान वृद्ध के बारे में दूरभाष पर जानकारी दी जिस पर उन्होंने तुरंत मदद का आश्वाशन
देते हुए नायाब तहसीलदार एवं नगर परिषद सीएमओ को समस्या से अवगत कराया।जिसके बाद सीएमओ अपने कर्मचारी दलबल के साथ पहुँचे और तुरन्त चार पहिया वाहन से वृद्ध को उसके घर छुड़वाने की व्यवस्था करवाई और 100 रुपये अपनी जेब से उस वृद्ध को दिए।इस तरह से मिडियककर्मियों की पहल से एक भूखे,प्यासे,राह भटके विकलांग 70 वर्षीय वृद्ध को उसके घर तक पहुंचाने में रंग लाई।