//विवेक भास्कर//
नेटवर्क निवाडी। महिला एवं बाल विकास कार्यालय में आगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओ की नियुक्तियों को लेकर तत्कालीन परियोजना महिला अधिकारी श्रीमती कमला बनौधा और विभाग के कुछ अधिकारियो पर आपसी लेनदेन तथा फर्जी तरीके से अपात्रों को नौकरियों में लिये जाने का आरोप लगाया गया है ।
तथा झींगामस्ती के कारण लगभग 6 गांव में स्वीकृत रिक्त पदों पर भर्तियां नही की गयी है ।जिससे आवेदन कर्ताओ मे अच्छा खासा रौष व्याप्त है ।
विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर आपत्ति उठाते हुए जिले के असंतुष्टों का मानना है कि ज्यादातर महिला कार्यकर्ता और सहायिका फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरियां कर रही है ।
जनपद क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में खास तौर से पुतरीखेरा , पुछीकरगुवा , डाबरखास , बरबाहा , राजापुर, जिखनगांव के आगनवाड़ी केन्द्र लगभग दो वर्षो से रिक्त पद स्वीकृत होने के बाबजूद भी नियुक्तियां नही की गयी है ।
जबकि इन गांव में आगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के आदेश बीते दो वर्ष पूर्व हो चुके थे ।
लखन लाल यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि तत्कालीन परियोजना अधिकारी निवाडी श्रीमती कमला बनौधा और टीकमगढ़ जिले मे पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित की मिलीभगत के चलते भ्रष्टाचार की बजह से नियुक्तियां नही की गयी है ।
श्री यादव ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त दोनो अधिकारी झांसी के है और अब कमला बनौधा तबादला हो जाने के कारण बुराहनपुर पहुंच गयी है ।
इनके स्थान पर जुगाड़ लगाकर दिनेश कुमार दीक्षित प्रभारी परियोजना अधिकारी बन बैठे जिनकी कर्तव्य कार्यशैली हमेशा विवादित और सुर्खियों में रही है ।
प्रभारी परियोजना अधिकारी पर आरोप है कि इनके द्वारा रिक्त पदो कि भर्ती को लेकर प्रत्येक गांव के आवेदनकर्ताओं से आपसी साठगांठ कर ली गयी है ।
इस संबंध में उक्त दोनों अधिकारियों के खिलाफ दिनांक 9/07/2019 एवं 25/02/2020 को की गयी शिकायतों पर कोई जांच कार्यवाही नही हुयी है ।
असंतुष्ट आवेदकों ने सामुहिक तौर पर एकजुट होकर उल्लेखित आगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदो पर निष्पक्ष नियुक्तियों की मांग करते हुए प्रभारी महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी को हटाकर अन्य किसी भी अधिकारी की नियुक्ति कराने की मांग करते हुए प्रदेश के विभागीय सचिव महिला एवं बाल विकास बल्लभ भवन भोपाल की ओर जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौपा गया।
जिसमें सम्पूर्ण प्रक्रिया को निरस्त करने कि मांग की गयी है ।