//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। नगरपरिषद घुवारा इन दिनो भृष्टाचार की चरम सीमा पार करती नजर आ रही चारो तरफ फर्जी तरीके से पैसा निकालने मे लगी हुई है जनता के सबाल करने पर मस्टर पर लगे कर्मचारी जनता को धमकी तक दे रहे है लेकिन इस और न ही किसी नेता का ध्यान जा रहा है और न ही प्रशासन का ध्यान जा रहा है मामला स्वच्छता से जुडा हुआ है जहा देश के प्रधानमंत्री स्वच्छता के लिए करोडो रूपये की राशि देकर नगर को स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित कर रहे है
जनता को घर घर गीला कचडा व सूखा कचडा डालने के लिए ड्रस्बिन देने की बात कह रहे है लेकिन नगरपरिषद घुवारा मे सालो से जमे कर्मचारी अपनी पूरी पकड बनाकर शासन की राशि का बंदर बाट करने मे लगे हुये है सोचनीय बात तो यह है कि जब जनता को ड्रस्बिन उपलब्ध ही नही कराये तो क्यो सर्वे कराकर जनता की फोटू खीची जा रही है जिससे साफ जाहिर होता है कि नगरपरिषद ड्रस्बिन के नाम पर लाखो रूपये का बिल डालकर सर्वे को पूरा करने मे लगी हुई है वही जब इसकी जानकारी मीडिया के सामने आई तो मीडिया ने पडताल करते हुये जिम्मेदार कहे जाने बाले सीएमओ सुदंरलाल सोनी व प्रशासक तहसीलदार सुनील बर्मा से बास्तबिक स्थिति को जानने की कोशिश की लेकिन दोनो ही अधिकारियो ने अपना पलडा झाडते हुये पता न होने की बात कही सोचनीय बात तो यह कि आखिर जब जिम्मेदार अधिकारियो को जानकारी नही होगी तो कौन मीडिया को बतायेगा कि किस चीच की सर्व हो रही है मामला साफ नजर आ रहा है कि बर्तमान समय मे पूरा देश कौराना की चपेट मे है बडे बडे आला अधिकारी अपने कार्यो की जिम्मेदारी निभाने मे लगे हुये तो वही घुवारा नगर परिषद के अधिकारी स्वच्छता के नाम पर लाखो रूपये की राशि का गबन करने मे लगे हुये है।जनता का आरोप है कि ऐसे सालो से जमे भष्ट कर्मचारियो की जांच हो जाये तो इनके द्धारा किया करोडो का घोटाला उजाकर हो जायेगा साथ ही इस फर्जी तरीके से चल रही स्वच्छता की शिकायत कलेक्टर महोदय से की जायोगी।