ब्यूरो छतरपुर। उप संचालक कृषि श्री मनोज कश्यप ने जिले के कृषकों से अपील करते हुए कहा कि किसान रबी फसलों की (गेहूं) नरवाई जलाने से बचे। क्योंकि आग लगाने से मिट्टी के लाभदायक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है। जिन किसानों ने हार्वेस्टर से कटाई कराई है, ऐसे किसान भूसा एकत्रित या रोटावेटर कल्टीवेटर चलाकर मिट्टी में नरवाई मिला दें। यह नरवाई खरीफ फसलों में खाद का कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि खेत में नरवाई जलाने से आसपास के क्षेत्रों में आग लगने का अंदेशा बना रहता है। जिससे ग्रामों में आगजनी की घटना होने की संभावना बनती है। साथ ही पर्यावरण पर दूषित प्रभाव पड़ता है। नरवाई में आग लगाने की घटनाओं को प्रतिबंधित करने के लिए दण्ड अधिरोपित करने का प्रावधान किया है, जिसमें 2 हजार 500 से 15 हजार रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।