"काट रहे क्यों पेड़ों को, क्यो न आता मन में विचार
इनसे ही शुद्ध वायु है, इनसे ही जीवन का आधार"
पेड़ पौधे हमारी धरोहर है ये ईश्वर की अमूल्य देन है जो कि हमारे गाँव बकस्वाहा को मिली हैं इस महामारी मे हर एक व्यक्ति को ऐ एहसास हो गया है की पेड़ है तो आक्सीजन है और आक्सीजन है तो मानव जीवन सुरक्षित है, कुछ हीरो की बजह से हमारे गाँव बकस्वाहा के जंगलों को काटे जाने का प्रस्ताव प्रस्तावित किया जा रहा है परंतु यह जंगल न सिर्फ जानवरों पशु पक्षीयों आदिवासी यो का आवास है अपितु ऐ उन गरीब परिवारों की अजीवीका का साधन है, जो इस जंगल मे लगे तेदुपत्ते की सहायता से अपना उधोग चलाते हैं, और उसी से अपना जीवन यापन चलाते हैं इसलिए हमे व्रक्षो की रक्षा करनी चाहिए वृक्ष हमारी प्रक्ति का श्रंगार है,
" पेड़ पौधे प्रक्रति की सान है, इन से ही बचे धरती पर इंसान है, रोक लो व्रक्षो की कटाई को, अगर बचा जरा सा भी ज्ञान है
मै बकस्वाहा निवासी आकांक्षा सोनी सभी से और सरकार से भी अनुरोध करती हुई की इस प्रकृति की धरोहर को नष्ट न होने दे अपितु जितना हो सके हमारा समर्थन करे।
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