◆ डायमण्ड प्रोजेक्ट में पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा गया है और 3.40 लाख पौधे रोपित करने के साथ-साथ कंपनी उनकी देख-रेख और पोषण का कार्य भी करेगी। जिस के लिए 16 करोड़ की राशि जमा की गई है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में कम्पनी द्वारा 200 करोड़ रुपए की राशि वन विकास की समृद्धि के लिए कैम्पा फंड में भी जमा कराई जाएगी।
ब्यूरो छतरपुर। छतरपुर कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि डायमण्ड प्रोजेक्ट के संबंध में सोशल मीडिया पर चलाये जा रहे वीडियो पर नही बल्कि तथ्यों पर ध्यान दें। कतिपय लोग एवं मनगढ़ंत वीडिओ चला कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। इनकी अटकलों एवं भ्रामक खबरों पर ध्यान नहीं दें। डायमण्ड प्रोजेक्ट में चिन्हित क्षेत्र में पेड़ो को एक साथ काटे जाने की खबर झूठी है बल्कि 12-15 वर्षों में पेड़ों को हटाया या काटा जाएगा।
पेड़ हटाने अथवा काटने के पूर्व ही 3 लाख 40 हजार पौधे कम्पनी द्वारा लगाये जायेंगे। कम्पनी द्वारा पौधों की देख-रेख एवं पोषण हेतु 16 करोड़ रुपए की राशि जमा की गई है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में कम्पनी द्वारा 200 करोड़ रुपए की राशि वन विकास की समृद्धि के लिए कैम्पा फंड में भी जमा कराई जाएगी।
डायमण्ड प्रोजेक्ट में 2 लाख 15 हजार पेड़ एक साथ काटे जाने और पर्यावरण बिगाड़ने की जानकारी भ्रामक और झूठी है और बिना किसी तथ्यों के है तथा लोगों में भय एवं डर बनाने के लिए निहित स्वार्थवस फैलाया जा रहा है एवं डायमण्ड कम्पनी द्वारा कराये जाने वाले सामाजिक बुनियादी विकास के कार्यों की सही जानकारी नही देकर भटकाया भी जा रहा है।
श्री सिंह ने कहा कि वनों के विस्थापन के सम्बन्ध में डायमण्ड कंपनी पर्यावरण विभाग से NOC प्राप्त करेगी।
डायमण्ड कम्पनी के प्रोपराइटर द्वारा विकास के लिए बुनियादी सुविधाएं जिसमें स्वास्थ्य, पेयजल एवं शिक्षा सहित अन्य विकास की सुविधा शामिल है का निर्माण होगा।
लोगों से अपील की गई है कि अफवाह फैलाने वाले लोग कतिपय लोगों की झूठी बातों एवं भ्रामक खबरों में नहीं आएं।
बक्स्वाहा डायमण्ड प्रोजेक्ट के चिन्हित क्षेत्र के पेड़ एक साथ काटे जाने की खबर झूट और भ्रामक है।