//विन्द्रावन विश्वकर्मा/?
घुवारा(छतरपुर)। नगर मे हर वर्ष की तरह इस वर्ष नगर के प्रसिद्ध आबर माता मंदिर प्रांगण मे भगवान
भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना अर्चना की शाम को प्रसाद वितरण किया गया रात्रि को कीर्तन भजन संध्या पर लोगो ने जमकर नेता किया महिलाओ ने रात भर नेत किया आज के विश्व कर्मा समाज ने अपने ओजारो की पूजा की
दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है. इसलिए इस दिन उद्योगों, फैक्ट्रियों और हर तरह की मशीन की पूजा की जाती है, कारीगर अपने औजारों का पूजन करते हैं और काम बंद रहता है.
न्यू संक्रान्ति पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा कि जाती है
स्वर्ग लोक से लेकर हस्तिनापुर तक का किया निर्माण भगवान विश्वकर्मा के द्वारा किया गया था
पौराणिक काल के सबसे बड़े सिविल इंजीनियर कहे जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की पूजा कन्या संक्रांति को होती है. इस दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था, इसलिए इसे विश्वकर्मा जयंती भी कहते हैं. भगवान विश्वकर्मा का जिक्र 12 आदित्यों और लोकपालों के साथ ऋग्वेद में भी होता है. इस बार विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर 2021 को शुक्रवार के दिन मनाई गई जिसमे गांव गांव से विश्वकर्मा समाज एकत्रित हुए।