//विन्द्रावन विश्वकर्मा, मनीष सम्राट//
घुवारा(छतरपुर)। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावास घुवारा के दोनो कन्या तथा बालक छात्राबास मे सरकारी कर्मचारी ना होने के कारण बच्चो का भविष्य खतरे मे है।
क्योकि सरकारी कर्मचारी ना होने के कारण बच्चे अपनी मर्जी से मनचाहे तरीके से आते जाते रहे है इस असर बच्चो के भविष्य पर पड रहा है
कई बार छात्रावास संचालक के द्वारा जिला संयोजक को आवेदन दिया लेकिन अभी तक ना कोई कर्मचारी विभाग के द्वारा नही भेजा गया।
तथा दूसरी बात यह की कन्या छात्रावास की संचालिका के द्वारा बडामलहरा तथा घुवारा छात्रावास का चार्ज होने के कारण समजस्य बनाने मे असमर्थ है
और प्राईबेट कर्मचारी अपनी मनमनर्जी से काम करने के कारण बच्चो को समय पर भोजन तथा किसी भी जरुरत का समान उपलब्ध नही हो रहा है
घुवारा के दोनो छात्रावास केवल प्राईबेट कर्मचारियों के भरोसे ही चल रहा है जिससे बच्चे छात्रावास नही आ रहे है क्योंकि कभी कभी तो बच्चे आते है लेकिन छात्रावास बंद रहता है इसका कारण यहा यहा है कि प्राईबेट कर्मचारीयों का प्राशासनिक का कोई डर नही है।
इस संबंध मे संभागीय महामंत्री अजाक्स बलीराम अहिरवार के द्वारा कहा गया है कि इस प्रकार अनिमित्ताये को नजर अंदाज नही किया जायेगा तथा जिला संयोजक महोदय से अनुरोध किया जायेगा कि किसी स्थानीय कर्मचारी को छात्रावास मे जिला से भेजा जाये जिससे छात्रावास का नियमित तरीके से संचालन हो सके।