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गुरुवार, 1 सितंबर 2022

समाज सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं:- धनीराम रैकवार

//विन्द्रावन विश्वकर्मा//

घुवारा(छतरपुर)। धनीराम रैकवार ने बताया कि अपने लिए तो हर कोई जीता है, लेकिन समाज के लिए जीना भी एक तपस्या है। क्योंकि समाज सेवा से बड़ा कोई भी धर्म नहीं है। इसका मौका भी हर किसी को नहीं मिलता, भगवान यदि किसी को इस लायक बनाता है तो उसे हर हाल में जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। ऐसी ही एक व्यक्ति धनीराम रैकवार जी  हैं  जिन्हें लोग आज  लोग उन्हें समाज सेवी के नाम से जानने लगे।

45 वर्षीय  धनीराम रैकवार  को आज नगर भगवा  ही नहीं पूरा शहर भली भांति जानता है।  में धनीराम रैकवार  मेरा कर्तव्य और मेरा सब कुछ केवल समाज की  सेवा  करना ही  है।  समाजिक कार्याें में एक दूसरे का हाथ बंटाते हैं। सभी वर्गो के लोगो का मकसद जरूरत मंदों की सहायता करना है। इसके लिए धनीराम रैकवार का प्रयास रहता है कि वे स्वयं के व सामाजिक स्तर पर तथा सरकार की तरफ से जरूरतमंदों की हर तरह से मदद उपलब्ध करा सकें। उनकी सहायता में उन्हें सभी वर्ग  के लोगों  का पूरा योगदान रहता है  धनीराम रैकवार ने  बताया कि उनकी ताकत उनके आराध्य भगवान, उनका परिवार व समाज है। उन्होंने बताया कि जब किसी जरूरतमंद की सहायता की जाती है तो व्यक्ति को शकुन मिलता है और इसकी अनुभूति किसी अमृत से कम नहीं होती।   इन्होंने ने बताया कि उन्हें अपनी मां के कार्यो पर गर्व है। इससे उन्हें प्रेरणा मिलती है कि वे भी समाज सेवा में आगे बढे़।