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सोमवार, 23 अक्टूबर 2023

स्पेशल रिपोर्ट:- दमोह की जीत अब मलैया के नाम, 23 साल लगातार जिताया।

//दमोह से राजा ठाकुर के साथ रूपेश जैन की रिपोर्ट//

नेटवर्क भोपाल। बुंदेलखंड की दमोह विधानसभा क्षेत्र 1952 से अस्तित्व में आई थी।
एवं दमोह की शांत राजनीति में बड़ा तड़का 2021 के उपचुनाव में लगा था। जब मलैया व उनके बेटे पर भीतरघात के आरोप लगे थे। माना गया था कि मलैया परिवार की वजह से तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह उपचुनाव हारे थे। अब विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने इसी कड़वाहट को दूर करने का प्रयास किया है। और उनकी ससम्मान वापसी भी हुई जयंत मलैया को टिकिट देकर नवाजा है. अब देखना होगा कि दमोह की जनता उन पर फिर से प्यार लुटाती है अथवा नहीं?

2018 में मात्र 798 वोट से हारे थे
2018 के चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व वित्त मंत्री रहे जयंत मलैया सिर्फ 798 मतों से हार गए थे। इसके साथ ही भावी चुनाव में उनकी उम्मीदवारी पर भी संकट के बादल मंडरा गए थे। इसी कारण 2021 में हुए उपचुनाव में भाजपा ने कांग्रेस की पारी छोड़कर आये दमोह विधायक राहुल सिंह को उम्मीदवार बनाया वहीं, कांग्रेस की ओर से अजय टंडन प्रत्याशी थे। टंडन ने 17,097 मतों से विजयश्री हासिल की और भाजपा की पराजय का दोषारोपण जयंत मलैया और उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया पर लगाया गया। भाजपा ने भीतरघात के आरोप में सिद्धार्थ मलैया को पार्टी से निष्काषित कर दिया और जयंत मलैया को कारण बताओ नोटिस थमा दिया था।

मलैया के अमृत महोत्सव में पहुंचे थे सीएम
भाजपा को अपने गढ़ दमोह में कांग्रेस की सेंध को भी ठीक करना था। इसलिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के समक्ष मलैया के अमृत महोत्सव समारोह में सार्वजानिक मंच से कहा था-मलैया जी को नोटिस भेजना गलत कदम था। इसके बाद जयंत मलैया को विधानसभा चुनाव 2023 की घोषणापत्र समिति का प्रमुख बनाने से यह साफ हो चुका था कि उन्हें इस बार टिकट जरूर मिलेगा और फिर वही हुआ।
गौरतलब है कि दमोह की राजनीति में करीब 50 वर्ष से सक्रिय मलैया जमीनी स्तर पर अब भी गहरी पैठ बनाए हुए हैं। इसलिए 1990 से 2013 (23 वर्ष) भाजपा के मलैया का दमोह सीट पर कब्जा रहा है।

मलैया ने नामांकन दाखिल किया
दमोह सीट से जयंत मलैया को भाजपा द्वारा टिकिट मिलने के बाद सोमवार को मलैया ने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
देखना है कि इस बार चुनाव में कौन अपनी सफलता के परचम को लहराता है।