//रूपेश जैन, सौरभ दुबे (ताते)//
बक्सवाहा(छतरपुर)। विकासखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक और अत्यंत प्राचीन मंदिर जगत जननी मां डॉन का दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। हजारों वर्षों से इस पवित्र स्थल पर भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते रहे हैं। वर्तमान में नवरात्रि का पर्व चल रहा है, और देश के विभिन्न जिलों व राज्यों से अनगिनत श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि, इस मंदिर तक पहुंचने का मार्ग भक्तों और ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
बक्सवाहा जनपद क्षेत्र के ग्राम बीरमपुरा और उसके आसपास के लोग बताते हैं कि देश की आजादी के बाद से कई नेता और अधिकारी मंदिर के दर्शन करने तो आए, लेकिन कभी भी इस दुर्गम रास्ते को पक्का नहीं कराया। बरसात के मौसम में यह मार्ग मानो किसी खदान में तब्दील हो जाता है, जहां कीचड़ और पत्थरों के बीच से गुजरना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं होता। इस कठिन राह पर न केवल श्रद्धालु बल्कि स्थानीय लोग भी प्रतिदिन दिक्कतें झेलते हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था की इस पावन जगह तक सुरक्षित और सुगम पहुंच के लिए मार्ग का विकास अति आवश्यक है। इसके बावजूद आज तक किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर माता के भक्त और ग्रामवासी एक बार फिर से शासन-प्रशासन से इस मार्ग को पक्का करने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि माता के दरबार में पहुंचने में कोई कठिनाई न आए और आस्था का यह केंद्र अधिक श्रद्धालुओं के लिए सुलभ हो सके।