//रूपेश जैन,नीरज चौबे//
बकस्वाहा(छतरपुर)। नगर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन छोटे मंदिर में आयोजित दस दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान में समाज की एकता और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखा जा रहा है। 28 दिसंबर 2024 से 06 जनवरी 2025 तक चलने वाले इस आयोजन में हर दिन श्रद्धालु उत्साह और भक्ति के साथ भाग ले रहे हैं।
जैन युवा मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक अनुष्ठानों को नई दिशा देते हुए समाज को जागरूकता और सामूहिकता का संदेश दिया है।
श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के इस अनूठे आयोजन में समाज के विशिष्ट व्यक्तियों ने खास भूमिकाएं निभाई हैं। इनमें 'भरत चक्रवर्ती' के रूप में विनोद कुमार जैन, 'सौ धर्म इन्द्र' के रूप में अखिलेश पाटनी, 'कुबेर इन्द्र' के रूप में श्रेयांश जैन श्रीपाल, और 'मैना सुंदरी' के रूप में नरेश तिगोडा को पुण्य अर्जन करने का मौका मिला है।
रविवार को कार्यक्रम के दौरान पंडित देवेन्द्र शास्त्री ने कहा, "सिद्ध चक्र महामंडल विधान, पुण्य प्राप्ति और असाध्य रोगों के निवारण का मार्ग है।" इस दौरान उन्होंने श्रीपाल चरित्र की कथा के माध्यम से विधान की आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया है।
इस अवसर पर पंडित शिखरचंद जैन 'बम्होरी' ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता और प्रेम का संदेश देते हैं। एवं उन्होंने परिवार सहित ऐसे आयोजनों में भाग लेने पर जोर दिया है।