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मंगलवार, 31 दिसंबर 2024

स्वदेशी स्वावलंबन से बनेगा पूर्ण रोजगार युक्त प्रदेश एवं समृद्ध भारत:- सुधीर दांते

//राजेश पाराशर//

नेटवर्क सागर। पीटीसी मैदान में 11 दिवसीय स्वदेशी मेला के दसवे दिन मंगलवार को लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। मेले में लोग अपने पसंद के सामान की खरीददारी भी उत्साह पूर्वक करते दिखे। स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के माध्यम से यह मेला आयोजित किया जा रहा है। आज के अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्र संयोजक सुधीर जी दांते, क्षेत्र संगठक केशव दुबोलिया, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, स्वदेशी मंच केंद्रीय टोली सदस्य प्रो. विकास सिंह, प्रान्त पूर्णकालिक प्रजातंत्र गंगेले, प्रान्त संयोजक आलोक सिंह चौहान, प्रान्त महिला कार्य प्रमुख राजकुमारी शुक्ला, प्रान्त विचार प्रमुख राकेश तिवारी उपस्थित थे। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्र संयोजक सुधीर दांते ने कहा कि स्वदेशी स्वावलंबन से पूर्ण रोजगार युक्त प्रदेश एवं समृद्ध भारत बनेगा।


स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत समन्वयक और मेला संयोजक कपिल मलैया ने कहा कि 11 दिवसीय मेले का कल समापन हो जाएगा। स्वदेशी मेला छोटे व्यापारियों के लिए वरदान है। उन्होंने बताया कि एक महिला उद्यमी द्वारा हस्त निर्मित पापड़ का स्टाल लगाया है वह घर से महीने में तीन हजार की बिक्री कर पाती थीं और मेले में रोज छह हजार की बिक्री कर रही हैं। इस मेले से स्थानीय व छोटे उद्यमियों को न केवल अपने उत्पाद बेचने का अवसर मिला है, बल्कि उनके व्यापार का प्रचार-प्रसार भी हुआ है। मेले द्वारा निर्मित स्वावलंबी गांव-मेरा गांव में सरसों का साग और मक्का की रोटी, बाटी-भर्ता, ज्वांर की रोटी, खीर, महेरी खाने हजारों लोग आ रहे हैं। इसके अलावा कश्मीरी शाल, जोधपुर का अचार, राजस्थानी ज्वेलरी, पंजाबी शूट, लुधियाना की जूती, मेरठ की खादी, जयपुरी ज्वेलरी, राजस्थानी चूर्ण के स्टाल, बच्चों के लिए बड़े-बड़े झूले व सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण के केंद्र हैं। 


स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार नामदेव ने बताया कि मेला प्रांगण में पतंग चित्रकला प्रतियोगिता, तंबोला प्रतियोगिता, अर्पित तिवारी की टीम द्वारा आर्केस्ट्रा, मुकेश चक्रवर्ती द्वारा प्रसिद्ध कलाकारों की मिमिक्री, बच्चों द्वारा गायन, डांस, कविता का आयोजन हुआ एवं सुप्रसिद्ध बुंदेली युवा लोकगायक अंकित पांडे द्वारा गौरा सांची बताओ... बुंदेली भजन की प्रस्तुति पर दर्शक झूम उठे। मेला सह संयोजक सौरभ रांधेलिया, रिशांक तिवारी, करण श्रीवास्तव, नितिन सोनी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण कलाकारों को मंच मिलता है और स्वदेशी संस्कृति को पुनर्जीवित करने का अवसर मिलता है।

मेला सांस्कृतिक प्रभारी नितिन पटैरिया, मीडिया प्रभारी अखिलेश समैया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर श्यामसुन्दर मिश्रा, सुनीता अरिहंत, वीरेन्द्र मालथौन, एकता कौर, आदेश जैन, अक्षय श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।