73 वा जन्मोत्सव श्रद्धा पूर्वक मनाया गया
शरद पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का जन्म दिन श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से मनाया| जिसमें संपूर्ण जैन समाज खजुराहो तथा क्षेत्रीय और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल रहे|
कठिन तप का बने उदाहरण....
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के त्याग और तप के आज बड़े उदाहरण है जो सांसारिक भोग विलासिता से दूर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज नमक शक्कर घी तेल एवं हरी सब्जियों को हमेशा के लिए त्याग चुके हैं तथा रात्रि मैं मात्र 2 घंटे का विश्राम करते एवं अपने जीवन का लगभग 3 गुना समय बीत जाने के बावजूद भी प्रतिदिन 30 से 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं एवं आहार क्रिया पूरे दिन में एक बार भोजन एवं जल लेते हैं|आचार्य श्री का मंगल चातुर्मास विश्व पर्यटन नगरी खजुराहो में चल रहा है जहां पर भारत ही नहीं बल्कि देश विदेश से लोगों का दर्शन करने के लिए आना अनवरत जारी है|
