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बुधवार, 9 जनवरी 2019

नायब तहसीलदार ने पकड़ा रेत से भरा ट्रक।


वरिष्ट अधिकारियो को सूचना देने के बाद नयाब तहसीलदार ने पकडा रेत से भरा टैक्टर...

जोरो शोरो से चल रहा है उत्खनन...

जिम्मेदार मौन...साथ ही बन रहे है वेखबर...

संवाददाता बिंद्रावन विश्वकर्मा की रिपोर्ट...

घुवारा(छतरपुर)। सरकार तो बदल गई लेकिन स्थानीय प्र शासन के कार्य शैली मे किसी प्रकार कोई बदलाब नही आया जिससे नगर मे काग्रेस सरकार की चर्चा जगह जगह होना शुरू हो गई  है।
 कि भाजपा के शासन काल मे कर्मचारी खुले आम अबैध कार्य कराते थे लेकिन लेकिन काग्रेस के राज मे तो कर्मचारी खुलेआम दिन रात अबैध धंधे करा रहे है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण देखने को मिल रहा है कि आज रेत माफियो के कारण जीवनदायिनी कही जानी बाली नदियो के प्राण संकट मे दिखाई दे रहे और उनके रक्षा करने बाले चंद पैसो के खातिर अपना ईमान खोकर भक्षक बने हुये है ऐसा ही मामला वर्तमान मे घुवारा तहसील अंर्तगत देखने को मिल रहा है।
 जहाँ पर रेत माफिया खुलेआम दिन रात रेत  का अबैध परिबहन कर रहे है और स्थानीय प्रशासन कार्यबाही के नाम पर आँखे बंद किये हुये है नगरबासियो की चर्चा का बिषय बना हुआ है कि जब तहसीलदार के मुख्यालय निबास न करने के कारण घुवारा पुलिस 5000 रूपये माह की इंट्री पर टैक्टरो को चलबा रही है जिससे पुलिस लाखो रूपये की बसूली करके मजा उठा रही है  अगर कोई घुवारा पुलिस को अबैध कार्य की सूचना भी देता है तभी  पुलिस बहाँ जाना उचित नही समझती है।
 ऐसा ही एक ताजा मामला बुधवार को नगर के एक समाजसेवी के द्वारा देखने को मिला कि चौकी प्रभारी को अबैध परिबहन करते हुये टैक्टर की सूचना दी जिस पर चौकी प्रभारी ने हाँ कहते हुये टैक्टर को पकडने का साहस नही किया क्योकि कैसे पकडते जो इंटिरी का सबाल है न जिस पर समाजसेवी ने बरिष्ट अधिकारियो को स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली से अवगत कराया जिस पर नयाब तहसीलदार लक्ष्मीनारायण गर्ग ने नगर मे भ्रमण करते समय बडातालाब के पास सोनालीका टैक्टर को रेत से भरे होने पर रोककर दस्ताबेज माँगे लेकिन चालक किसी प्रकार कोई दस्ताबेज नही दिखा पाये तो टैक्टर को पुलिस चौकी मे रखबाकर पंचनामा तैयार करके एसडीएम महोदय को भेज दिया गया।