स्टे-ऑर्डर होने पर भी शासकीय भूमि पर धड़ल्ले से चल रहा अवैध भवन निर्माण कार्य।
प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा मना करने के वाबजूद भी दिन-रात चल रहा भवन निर्माण कार्य।।
//विन्द्रावन विश्वकर्मा//
घुवारा(छतरपुर)। नगर के चारों तरफ शासन की पड़ी बेशकीमती जमीन का रकबा दिन प्रति दिन शिकुड़ता जा रहा है।और प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा मना करने एवं स्टे-लगाने के वाबजूद भी दबंगों द्वारा शासकीय भूमि पर अबैध कब्जा कर धड़ल्ले से भवन निर्माण कार्य किये जा रहे हैं।
जिससे यहां पर सबाल यह खड़ा होता है कि आखिर क्या वजह है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शासन की भूमि पर अबैध तरीके से चल रहे भवन निर्माण कार्यों के लिए स्टे-ऑर्डर तो दे दिए जाते हैं लेकिन लोगों द्वारा स्टे-ऑर्डर को ठेंगा दिखा कर खुलेआम दिन-रात भवन निर्माण कार्य किये जा रहे हैं।
यहाँ पर कहीं न कहीं प्रशानिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगना एक अपने आप में स्वाभाविक है।
ऐसा ही मामला नगर के भगवां रोड़ स्थित द्वारकाधीस वेयर हाऊस के बगल में शासकीय भूमि जिसका खसरा नम्बर-1310/1 पर खुलेआम चल रहे भवन निर्माण कार्य में देखने को मिल रहा है।
जानकारी के मुताविक सड़क किनारे बेशकीमती शासकीय भूमि पर रामदास पटेल निवासी घुवारा एक बड़े रकवा पर कब्जा किये हुए है।
जो बारी-बारी से इस बेशकीमती जमीन को अन्य लोगों को अबैध तरीके से बेच रहा है।
कुछ समय पूर्व इसी शासकीय ज़मीन का कुछ हिस्सा प्रकाश सिंह घोषी निवासी पनवारी को बेच दी थी।
जिसके उपरांत प्रकाश सिंह घोषी द्वारा अबैध भवन निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर दिया था।जिसकी शिकायत कुछ लोगों द्वारा तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोषम से की गई थी। जिसमें तहसीदार ने तत्काल ऐक्शन लेते हुए,मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य बन्द कराकर स्टे-ऑर्डर जारी किया था।
जिसमें कुछ दिन बाद फिर से निर्माण कार्य की सूचना तहसीदार लगी थी। जिसमें तहसीलदार ने अबैध भवन निर्माण कार्य बन्द करवाने के लिए घुवारा पुलिस को निर्देशित
किया था।
जिसमें मौके पर पहुंची पुलिस ने भवन निर्माण कार्य को बंद करवाने के साथ ही आरोपीगण को काम बंद रखने को लेकर शख्त हिदायत दी गई थी।
इसके बाद भी कुछ समय बाद फिर से दबंगों ने पुलिस की शख्त हिदायत की एवं तहसीलदार के स्टे-ऑर्डर की धज्जियां उड़ाते हुए शातिराना तरीके से रातों-रात अबैध भवन निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया।
इनका कहना है कि......
जी हाँ मुझे जानकारी मिली है कि आरोपी प्रकाश सिंह घोषी के द्वारा बार-बार मना करने एवं स्थगन आदेश जारी होने के वावजूद भी रातों-रात भवन निर्माण कार्य किया जा रहा है।जिसके सम्बन्ध में मैं,आरोपी प्रकाश सिंह घोषी के खिलाफ स्थगन आदेश का खुलेआम उलंघन किये जाने से धारा-188 के तहत कार्यवाही कर जेल भेजा जायेगा।