साहब! यह कैसा विकास???
जान हथेली पर टूटा हुआ पुल पार करते है लोग।
सरकार के झुठलाते वादो और दावों की पोल खोलती हुई रिपोर्ट।
//गगन सेन//
पथारिया(दमोह)। जिले में प्रशासन और सत्ता पक्ष द्वारा विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर कागजों में बताया जाता है जबकि हकीकत कोसों दूर रहती है।ऐसी ही एक विकास की पोल पथरिया क्षेत्र में बारिश के मौसम में देखने मिली। जिसमें नौनिहाल सहित स्कूल जाने वाले बच्चे तथा अन्य लोग जान जोखिम में डालकर लकड़ी के पुल के माध्यम से नाला पार कर करते हैं लेकिन इससे ना तो जनप्रतिनिधि को और ना ही प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी समस्या से कोई लेना देना देना नहीं।
पथरिया तहसील मुख्यालय से करीब छः किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के अंतर्गत ग्राम पिपरिया लोहार बेलखेड़ी जाने के लिए लोगों को करीब 15 से 20 फुट लंबे लकड़ी के पुल पर कदम संभाल कर चलना पड़ता है कारणवस गहरे नाले में गिर जाने से पानी में डूबकर या चोटिल होकर मौत या घायल हो सकते हैं,लकड़ी के इस पुल के अलावा आने जाने के लिए ग्रामीणों के लिए कोई रास्ता ही नहीं है।
पिपरिया लोहार के छात्रों को जाने के लिए लकड़ी के पुल के माध्यम से जान जोखिम में डालकर ज़िंदगी ओर मौत से खेलते है।
ग्रामीणों ने बताया गांव के लोग अगर बारिश के दिनों में बीमार पड़ जाए तो उन्हें कोई भी वाहन की सुविधा उन्हें हासिल नहीं हो सकती।
बल्कि लोग बीमार को हाथों पर चारपाई पर उठाकर ले जाने के लिए बिबस होते हैं कभी-कभी तो बीमारी में समय पर उपचार न मिलने से लोग अपनी मौत का शिकार हो जाते है ।