जानलेवा सफर,रेलवे विभाग की अनदेखी या फिर है कोई चूक।
//मनीष साहू(सिटी दमोह)//
ब्यूरो दमोह। दुर्घटना से देर भली,सेल्फास से रेल भरी,इस कथन को भले ही लोग पढ़ते हो लेकिन आज आलम कुछ और है हर रोज लगातार लोगों द्वारा जान जोखिम में डालकर बेधड़क रेल सफर करने का नजारा सामने आ रहा है जिसको कहीं ना कहीं रेलवे प्रशासन द्वारा भी नजरअंदाज किया जा रहा है।इनको अंदाजा भी नहीं कि पल भर की जल्दबाजी के कारण इनको अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ सकता है वही आपको बता दें कि विगत दिन शनिवार शाम को जबलपुर-निजामुद्दीन सुपरफास्ट ट्रेन में जान से खेल कर सफर करने का ऐसा ही नजारा सामने आया।
जिसमें एक व्यक्ति नन्ही सी बच्ची को लेकर जोखिम भरा सफर कर रहा था जिसमें रेलवे विभाग के नुमाइंदे एवं जिम्मेदार आला अधिकारी भी बेखबर थे।
गौरतलब हैं कि यह नजारा पहला नहीं है जब यात्री जोखिम भरा सफर कर रहे हो इसके पहले भी ऐसा नजारा देखा जा चुका है और अधिकारियों द्वारा भी मुहिम चलाई तो जाती है लेकिन कुछ समय के लिए जिसके पश्चात हालात ज्यों के त्यों हो जाते हैं और कार्यवाही औपचारिक ही रह जाती है बीते दिन शनिवार की शाम जब दमोह पहुंची जबलपुर निजामुद्दीन एक्सप्रेस में लाडली की रोने की आवाज भीड़ के शोरगुल में दब कर रह गई परंतु जबलपुर मंडल रेलवे के आला अधिकारीयो का इस नजारे से अनजान और बेखबर होने का नजारा साफ नजर आया।
और यदि आने वाले समय में जल्द से जल्द ऐसे नजारों को नहीं रोका गया तो वह दिन दूर नहीं जब किसी को अपनी जान से हाथ धोना पड़ सकता है अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे प्रशासन ऐसे नजारों पर ध्यान देता है या नहीं।