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मंगलवार, 23 जुलाई 2019

दोस्त ने दोस्त को मौत के घाट उतारा,प्रेम कहानी से जुड़ा है मामला।

दोस्त ने दोस्त को मौत के घाट उतारा,प्रेम कहानी से जुड़ा है मामला।


ब्यूरो छतरपुर। जिले के पिपट थाना क्षेत्र के मलगुवा गांव में एक सप्ताह पहले हुए सुरेश यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया है।
 हत्या की गुत्थी पुलिस ने साइवर सैल की मदद से सुलझा ली और आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मलगुवां गांव में १५-१६ जुलाई को रात को करीब १२-१ बजे सुरेश यादव की हत्या की गई थी और उसका शव गांव मलगुवां-अलगाना के बीच विवाद जंगल में पाया गया था।
 मामले में पुलिस द्वारा शव का पीएम के बाद डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या की बात सामने आई।
 पुलिस द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके करीबी और गांव के लोगों से घटना के बारे में जानकारी जुटाई और फिर भी कोई क्लू नहीं मिलने पर पुलिस ने साइवर सेल की मदद ली और मृतक मोवाइल की लोकेशन की जानकारी की और घटना के दौरान उसके करीबी दोस्त के मोवाइल की लोकेशन ट्रैस की गई।
 जिसपर पुलिस ने परमलाल यादव उर्फ भोला को थाना लाकर कडाई से पूछतांछ की गई। जिसके बाद आरोपी ने आरोप कबूल किया और पूरी कहानी पुलिस को बताई।
पुलिस ने खुलासा के दौरान बताया कि आरोपी परमलाल यादव उर्फ भोला (३१) के उसके परिवार की भाभी से अवैध संबंध थे और पूरी प्रेम कहानी का मृतक सुरेश यादव (३४) पिता लक्षमण यादव को पता थी। जिससे मृतक भी अपने दोस्त परमलाल यादव उर्फ भोला पर भाभी से संबंध बनवाने में मदद करने का दबाव बना रहा था।
 जिसको लेकर मलगुवां-अलगाना के बीच विवाद हो गया और आरोपी ने अपने दोस्त पर कुल्हाडी से पर कर दिया और फिर उसके सिर में पत्थर पटककर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी परम हत्या करने के बाद गांव के कई लोगों वह से रोज की तरह मिलता रहा। मोबाइल की दुकान पर बैलेंस डलवाने भी गया।
 ताकि गांव के सभी लोग हत्या के समय उसके पक्ष में गवाही दे सकें कि वह उस समय गांव में ही था। लेकिन पुलिस ने साइवर सेल की मदद ली, तो हत्या वाले स्थान जंगल में मृतक और आरोपी के मोबाइल की लोकेसन एक जगह पाई गई। पुलिस ने पुछतंाछ की गई। तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर पूरी कहानी सुनाई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतक का मोबाइल और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और रक्त रंजित कपड़े भी जप्त किए है। हत्या के आरोपी को पकड़ कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया। पुलिस टीम में थाना प्रभारी आसुतोष श्रोतिय, एएसआई रामजी शर्मा, आरक्षक ज्ञान सिंह, पुरषोत्तम रजक, धीरेंद्र अहिरवार, विशाल सिंह, आशीष कुमार, दयाराम अहिरवार की भूमिका रही।