छतरपुर। आखिर क्यो नही थम रहा भ्रष्टाचार का व्यापार???
सरपंच सचिव और रोजगार सहायक की मनमानी से परेशान है ग्रामीण।
ग्रामीण।
//अक्षय जैन//
भगवां/बडामलहरा(छतरपुर)। जिले के बडामलहरा अनुविभाग अंन्तर्गत ग्राम पंचायत परा मैं शासकीय निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार या फिर प्रशासनिक अनदेखी का मामला सामने आया है।जहाँ पर जब बुंदेलखंड प्रजेंट न्यूज की टीम ने पड़ताल की तो समूचे पंचायत क्षेत्र में आव्यवस्थओं के साथ ही भ्रष्टाचार के भी पहलू नजर आये है।
पंचायत मे सी-सी रोड के साथ नालियां प्रस्तवित हुई थी लेकिन गांव में गुडवत्ताहीन सी-सी रोड डाल कर पैसे निकाल लिए गए है तथा नालियो का तो नामो-निशान ही नही है एवं सबसे बड़ा घोटाला यह है कि यहां लोगो को शासकीय योजनाओं का आधा अधूरा लाभ दे कर मनमाने पैसे बसूले गए है।
यहां कई परिवार ऐसे है जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास मात्रा 1 लाख 35000 रुपए
या किसी को 1 लाख 20000 रुपये में उपलब्ध तो करा दिए गए है।
तो वही उसके एवज में किसी से दस हज़ार किसी से पांच हज़ार रुपये की रिश्वत ली गई है। अतः ऐसा हमारे द्वारा नही बल्कि यह आरोप खुद ग्रामीण लगा रहे है।
तथा वावजूद इसके जानकारी यह भी प्राप्त हुई है कि बाकी पूरी राशि ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव और रोजगार सचिव ने डकार ली है।
अब अगर नजर गांव हालतों पर देखें तो वहां पर न ही कभी साफ सफाई होती है नालियो का पानी सड़क के बीचो बीच बहता है और सबसे बड़ी किल्लत पीने के पानी है गांव की महिलाएं लगभग दो किलोमीटर दूर से पीने के पानी की व्यवस्था करती है।
लोगो के अनुसार ये रिश्वत पंचायत के सचिव और रोजगार सहायक ने ली है इसमें सरपंच सचिब और रोजगार सहायक की मिलीभगत साफ समझ में आ रही है।