मप्र में शिक्षा का हाल-वे-हाल,दसवीं के छात्र से नही बनी हिंदी की किताब।
शासकीय स्कूलो में अव्यवस्थाओ दौर लगातार जारी।
//अंशुल असाटी,रूपेश जैन//
बक्सवाहा(छतरपुर)। शासन की मंशा अनुसार शिक्षा विभाग पर बड़े ही जोर दिए जा रहे हैं बही शासन की मंशा को पूर्ण रूप देने बाले शालाओं के शिक्षक एवं प्राचार्य शासन की योजनाओं को पलीता लगा रहे थे उसी को लेकर कांग्रेस सरकार ने भी शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए निरंतर प्रयास शुरू किये थे मामला बक्सवाहा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जो कि हमेशा से सवालों के घेरों में चला आ रहा है जहां की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट होती नजर आ रही थी इस स्कूल के प्राचार्य माह में केवल एक या दो दिन आते थे जिसको लेकर क्षेत्रीय विधायक प्रदुम सिंह ने 9 अक्टूबर को शासकीय उच्चतर हाई सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया था जिसमें विद्यालय में काफी अनियमितताएं देखने को मिली थी।जिस पर विधायक ने स्कूल को संज्ञान में लेते हुए विद्यालय के प्राचार्य अरुण शंकर पांडे का स्कूल ना आने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत किया था जिसके बाद प्राचार्य का स्थानांतरण बक्सवाहा से सुनबाहा स्कूल के लिए आदेश जारी किया गया था उसके बावजूद भी प्राचार्य अभी तक बक्सवाहा स्कूल से रिलीव नहीं हुए प्राचार्य का विद्यालय में नियमित ना आने पर लगातार यह मामला समाचार पत्रों एवं टीवी चैनलों के माध्यम से उजागर होता रहा।
निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैं काफी अनियमितताएं पाई गई जिसको लेकर विधायक ने प्राचार्य को कड़ी फटकार लगाते हुए शिक्षा व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी उसके बावजूद भी स्कूल की शिक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो सका था।
लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अभी तक स्कूल प्राचार्य रिलीव नहीं हुए अव्यवस्था का दौर जारी है स्कूल में प्राचार्य का नियमित ना आने की खबर जैसे ही एसडीएम डीपी दुबेदी को लगी वैसे ही एसडीएम दोपहर 12:00 बजे शासकीय उच्चतर हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे जहां पर स्कूल का जायजा लिया स्कूल में एक बार फिर सवालों के घेरे में चल रहे शासकीय उच्चतर हायर सेकेंडरी विद्यालय के प्राचार्य अरुण शंकर पांडे विद्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए ।
