Translate

सोमवार, 14 अक्टूबर 2019

जहां मन हो खुद डालो सड़क।

जहां मन हो खुद डालो सड़क।


जिम्मेदारों ने मूंदी आंखें,नगर वासी परेशान।

//प्रदीप विश्वकर्मा, रूपेश जैन//

बक्सवाहा(छतरपुर)। नगर में नल जल योजना के नाम पर खोदी गई सड़कें अब भी पूर्ण रूप से करीब 70 फ़ीसदी गड्ढों में तब्दील नजर आती हैं।
गौरतलब है कि विगत वर्षों पहले नगर की सीसी सड़कों को नगर में जल सप्लाई के लिए डाली जाने वाली पाइप लाइन के नाम खोदा गया था जो अब गड्ढों की बलि चढ़ चुकी है।
विगत दो वर्षो से टूट पड़ी सड़के अब भी दिक्कत का सबब नजर आती है।
पिछले दिनों पहले बरसात के मौसम में हालात और भी नाजुक हो चले थे लेकिन जिम्मेदारों को आखिर इसकी परवाह कहां है टूटी सड़कों पर वाहनों का चलना आज भी दूभर बना हुआ है अतः विगत दो वर्षों से गुजर-बसर कर रही परेशान जनता का गुस्सा अब भी साफ रूप में देखा जाता है।
सर्वाधिक चिंताजनक बात तो यह भी है कि सामान्य रूप से नगर पेयजल समस्या से हमेशा ही जूझता रहा है जिसके निदान के लिए नलजल योजना सौगात स्वरूप शुरू की गई लेकिन उसका कार्य भी अधर मे लटका होने से खासी दिक्कतो का खामियाजा अब तक नगर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

जिम्मेदार नही देते ध्यान।

नगर की खुद पड़ी सड़को पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नही है पूर्व से ही लगातार जब भी यह समस्या क्षेत्रीय विधायक प्रद्युमन सिंह तथा पूर्व मे बिजावर SDM के रूप मे पदस्थ रहे मनोज मालवीय के अलावा अन्य अधिकारियों के पास रखी गई तो सिर्फ आश्वासन का ही अलाप बताया गया,मगर समस्या निदान के लिए अभी तक कोई तरीका सामने नही आया है तथा अब भी नगरवासियो को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

इनका कहना है कि...

"काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा वाहनों को निकालने मे भी मुसीबत सामने आती है।"

(रामदास साहू नगरवासी)

"वार्ड ०६ में विगत पांच वर्षो से सड़क टूटी पड़ी हुई है जो सड़क मुख्य रूप से एटीएम व महाकाली मंदिर तथा मस्जिद को जोड़ती है अत: जिसके क्षतिग्रस्त होने से श्रध्दालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।"

(अम्मू सोनी नगरवासी)