नम आंखों से,राजकीय सम्मान के साथ दी जवान को श्रद्धांजलि।
//जशवंत यादव//
बिजावर(छतरपुर)। थाना क्षेत्र के ग्राम जसगुंवा निवासी सीआरपीएफ बटालियन के जवान छेदीलाल अहिरवार पुत्र मंजुआ अहिरवार की अंतिम यात्रा गुरुवार को सुबह करीब आठ बजे राजकीय सम्मान के साथ लगभग छ: किलोमीटर तक निकाली गई। इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि देने बड़ी संख्या में लोग पहंचे थे।
सबसे पहले उनके शव को उनके पैत्रिक ग्राम जसगुवां ले जाया गया जहां उनके परिजनों ने अंतिम दर्शन किए तदोपरांत सभी लोग मुक्तिधाम पहुंचे। मुक्तिधाम में साथी जवानों द्वारा बंदुकों से सलामी दी और राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान के साथ शव से लिग किया गया और उनके दोनों पुत्रों अशोक तथा दशरथ ने मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी, क्षेत्रीय विधायक, नगर पंचायत अध्यक्ष, जनपद सदस्य तथा पत्रकारों सहित बडी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
दिल्ली से चेन्नई जाते वक्त हुआ था निधन।
जानकारी के मुताबिक छेदीलाल अहिरवार पुत्र मंजुआ अहिरवार 50 वर्ष 27 सीआरपीएफ बटालियन में तैनात थे। बीते रोज वे दिल्ली से कोयंबटूर-केरला एक्सप्रेस में सफर कर रहे तभी रास्ते में कटपड़ी स्टेशन पर उन्हें अचानक उल्टी तथा सीने में दर्द हुआ। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब उनके प्राण निकल चुके थे।
27 सीआरपीएफ वटालियन के कामंडरो द्वारा परिजनो को उनकी मृत्यु की सूचना दी गई और सीआरपीएफ का एक दस्ता उनके शव को लेकर रात करीब 2 बजे उनके वर्तमान निवास पठारी रोड पहुंचा था।
अंतिम विदाई के उपरांत 27 बटालियन के मेजर ने जवान के परिजनों को 50 हजार रुपये सहायता राशि के रूप में दिए तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने उपरांत शहीद की पत्नी को पेंशन तथा परिवार के योग्य पुरुष को नौकरी का भरोसा दिया।
इसी दौरान जब मृतक जवान की बेटी ने मेजर से पूछा कि उनके पिता की मौत का कारण क्या है तब मेजर ने बताया कि छेदलाल कुछ दिनों से लकवा के मरीज थे और उनकी फिटनेस के लिए ही उन्हें दिल्ली से कोयंबटूर पहुंचाया जा रहा था लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया।