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सोमवार, 14 अक्टूबर 2019

घर बेचकर लोगों को नि:शुक्ल वितरित कर रहा हेलमेट व किताबे।

घर बेचकर लोगों को नि:शुक्ल वितरित कर रहा हेलमेट व किताबे।

इस एक युवक ने समाजहित में छेड़ी अनूठी मुहिम, जिलाधिकारी से मुलाकात कर सहयोग की अपील।



ग्रेटर नोएडा/नेटवर्क। हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार पिछले 5 सालों से सड़क सुरक्षा और भारत के शिक्षा बढ़ाने के लिए जागरूकता का कार्य कर रहे है।
 भारत के अलग-अलग राज्य में सड़क पर चलने वाले युवाओं को हेलमेट देकर जागरूक करने वाले और उनसे पुरानी पुस्तक लेकर गरीब बच्चों को निशुल्क देने वाले राघवेन्द्र सिंह है।
जिन्होंने अब तक भारत में 25000 हेलमेट देकर 200000 गरीब बच्चों को निशुल्क किताब दी है।
तथा राघवेंद्र सिंह बतलाते हैं कि वह यहां तक पहुंचने के लिए किसी से मदद नहीं लिये है और इस कार्य को करने में पैसे के लिए समस्या काफी खड़ी रही उसके लिए मैंने अपना घर तक बेच दिया ताकि मेरा मिशन कोई रुकावट ना हो।
गौरतलब है कि शिक्षा के साथ दुर्घटना में भी काफी बढ़ोतरी हो रही है. इस दुर्घटना को गंभीरता से लेकर यह एक आपको एक संदेश जारी करना चाहते है की हर जगह नॉलेज पार्क के अंदर सभी कॉलेज में फीस के अलावा रजिस्ट्रेशन का पैसा अलग से लिया जाता है. और उस रजिस्ट्रेशंस के नाम पर प्रोस्पेक्टस या फिर झोला दे दीया जाता है।
अतः खबर के माध्यम द्वारा कॉलेज प्रशासन को सड़क सुरक्षा के लिए संदेश देना चाहते है कि जो रजिस्ट्रेशंस का पैसा है उस पैसे का कॉलेज प्रशासन प्रोस्पेक्टर्स देने के बजाय एक हेलमेट दे, ताकि कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र को जागरूकता के साथ सड़क दुर्घटना में होने वाले मौत में कमी लाई जा सके. और जो स्कूल है उन्हें भी 4 साल से ऊपर वाले बच्चों को स्कूल बैग ड्रेस दे तो उसमें भी एक हेलमेट जरूर दें। क्योंकि बहुत से अभिभावक अपने बच्चे को स्कूल से छोड़ने जाते हैं तो खुद भी हेलमेट का प्रयोग नहीं करते हैं।

देखिए खास बात।