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गुरुवार, 23 जनवरी 2020

कछुआ गति से चल रही पढ़ाई,टाइम-टेबल आने के बाद भी पूरे नही हुये शिक्षण कार्य।

कछुआ गति से चल रही पढ़ाई,टाइम-टेबल आने के बाद भी पूरे नही हुये शिक्षण कार्य।


//राजन असाटी//
जुझार दमोह। शिक्षा सत्र अंतिम दौर मे परीक्षाओं का टाइम टेविल घोषित कर दिया गया मगर अब भी स्कूलों में शिक्षकों के विषयवार पद खाली पड़े हैं जिससे बच्चो की पढ़ाई व्यवस्था चौपट है शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए गांव-गांव में प्रशासन की ओर से स्कूल तो खोल दिया गया है मगर स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते विषयवार शिक्षक नहीं होने के कारण समय पर कोर्स पूरा नहीं हो रहे हैं शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था के चलते शिक्षा सत्र के अंतिम समय मे भी  शिक्षकों बदस्तूर जारी है दमोह जनपद पंचायत अंतर्गत रियाना गांव के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों का अभाव है जहां रियाना गांव के मिडिल स्कूल में 85 विद्यार्थी पड़ते हैं जहां गणित,विज्ञान,शिक्षक गनेश तिवारी पढ़ाते हैं और हिन्दी,संस्कृत,सामाजिक विज्ञान अशोक पाठक पढ़ाते हैं वहीं अशोक पाठक जी से इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि हम मुड़ारी स्कूल में पदस्थ है लेकिन रियाना स्कूल में शिक्षक न होने की बजाय से में यहां का कार्य भार संभाले हुए है तो वहीं स्कूली बच्चे आरती ठाकुर,सरस्वती ठाकुर,सुनील ठाकुर,लोकेंद्र ठाकुर ने बताया कि परीक्षा एक महीने बाद हैं लेकिन इंग्लिश विषय के टीचर न होने की बजय से अंग्रेजी का कोर्स बिल्कुल नहीं हुआ है जो कि चिंता का विषय बना हुआ है तो वहीं दमोह बी आर सी के आला अधिकारी मौन हैं पूर्व में भी इस खबर को प्रकाशित किया गया था और ग्रामीण नितेश सिंह ठाकुर ने बी आर सी को अवगत कराया था लेकिन बी आर सी रमेश अठया के सुस्त रवैए से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है ग्रामीण क्षेत्रों के 25 फ़ीसदी स्कूलों का हाल इसी तरह बना हुआ हैं जिसमें शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है यही वजह है कि सरकारी स्कूलों के बच्चे उच्च शिक्षा पाने से वंचित रह जाते हैं।