नशेड़ी भाई ने गुटका ना लाने पर छोटे भाई को बनाया अपने गुस्से का शिकार।
● आंगनवाड़ी केंद्र से सामने आया मासूम दर्द।
● छोटे-भाई के शरीर पर दिखे बड़े-भाई की यातनाओं के जख्म।
//नरेंद्र अहिरवार//
हटा(दमोह)। सरकार द्वारा भले ही बालको के संरक्षण के लिए तरह तरह के जतन किये जा रहे हो लेकिन समाज मे आज भी कई जगह बालकों के साथ यातनाओं के घटना क्रम सामने आ ही जाते है। एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला घटना क्रम बुधवार को सामने आया है।
जिसमे आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे बच्चे के शरीर पर यातनाओं के जख्म देख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पूछने पर 4 वर्षीय मासूम का दर्द और उसके साथ हुआ घटना क्रम सहज ही सामने आ गया। जिसमे बताया गया कि 4 वर्षीय मासूम के कलयुगी बड़े भाई ने उससे दुकान से गुटका लाने के लिए कहा और वह नही ला पाया तो उसके बड़े भाई को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपने 4 वर्षीय छोटे भाई को अपने बहसी गुस्से का शिकार बनाते हुए उसे गर्म झरिया से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसके शरीर पर यातनाओं के जख्म देख हर कोई सिहर उठा।
इस घटना क्रम की जानकारी जब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा हटा परियोजना कार्यालय की टीम को दी गई। जिसमें परियोजना टीम में पर्यवेक्षक रुबीना अंजुम और रूबी खान देवेन्द्र ठाकुर ने तत्काल ही नगर हटा के शास्त्री वार्ड गढ़िया स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चे के दर्द को जाना एवं उसके परिवार जनों को बुलाकर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। जिसमे पुलिस थाना हटा से एसआई अभिषेक चौबे ने मौके पर पहुंचकर घटना क्रम की जांच पड़ताल की। जहाँ बच्चे की कहानी सुन हर कोई स्तब्ध रह गया।
● घटना क्रम की जांच करने पहुंची टीम।
मामले की जांच करने पहुंची टीम ने घटना क्रम को संज्ञान में लेते हुए बताया कि नगर हटा के शास्त्री वार्ड गढ़िया निवासी 4 वर्षीय मासूम द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विघा शर्मा के पूछने पर बताया कि उक्त घटना क्रम में मासूम के 15 वर्षीय बड़े भाई द्वारा उसे गर्म झरिया से बर्बरता पूर्वक पीटा गया है। जिसमे शरीर के निचले हिस्सो में एवं गले मे काफी जख्म के निशान है। उक्त घटना क्रम बच्चे के साथ हुई बर्बरता की घटना को परिवार जनों ने पूरी तरह से छुपाया है। जिसके आधार पर पुलिस द्वारा पंचनामा बनाकर बच्चे के माता पिता को समझाइश दी गई कि भविष्य में बच्चो के साथ इस प्रकार का कृत्य किया गया या किसी प्रकार की हानि पहुंचाई गई तो उसके जिम्मेदार स्वयं माता पिता होंगे। उक्त घटना क्रम में अग्रिम कार्यवाही हेतु चाइल्ड केयर संस्था को भी अवगत कराया गया है।
● दर्द भरी हुई है बच्चे की कहानी।
आंगनवाडी में 3 दिन से लगातार घर मे बंद रहने के बाद आंगनवाड़ी पहुंचे 4 वर्षीय मासूम के जख्मो को देख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा पूछे जाने पर सामने आए घटना क्रम बच्चे द्वारा अपनी दुख भरी कहानी को व्यक्त किया गया। इसके अलावा स्थानीय लोगो ने बताया कि 4 वर्षीय मासूम को पहले कुछ वर्ष पूर्व उसका पिता अपनी ससुराल में अपने साले के यहाँ छोड आया था। इसके उपरांत वह यहाँ माता पिता के पास वापस आ गया। वही बच्चे द्वारा बताया गया कि वह अपना गुजारा आंगनवाड़ी केंद्र से मिलने वाले खाने से करता है। घर मे उसे यातनाएं दी जाती है। उसके घर मे माता पिता अलावा 2 बहने एवं कुल 2 भाई है। जिसका 15 वर्षीय बड़ा भाई आदतन नशेड़ी है।